कम्पाला की सड़कों के ब्रिटिश नाम बदलने को अभियान

इसका मकसद है कि राजधानी कम्पाला में सड़कों के जो नाम उपनिवेशवादी प्रतीक पर आधारित हैं उनका फिर से नामकरण किया जाए।
khidki desk

अमेरिका में काले व्यक्ति जार्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद उग्र हो चुके ब्लैक लाइव्ज मैटर आंदोलन की आंच अब यूगांडा तक पहुंच गई है। इस आंदोलन के बाद उभार पाए दासता और उपनिवेशवाद के प्रतीकों के खिलाफ दुनियाभर में प्रतिक्रियाए हो रही हैं।


इसी क्रम में उगांडा में लोगों ने एक अनोखा अभियान चलाया है, जिसका मकसद है कि राजधानी कम्पाला में सड़कों के जो नाम उपनिवेशवादी प्रतीक पर आधारित हैं उनका फिर से नामकरण किया जाए।

इसके लिए अभियान चलाने वाले लोगों ने 9 जून से अब तक ऑनलाइन पांच हजार लोगों के हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। उनका कहना है कि वे शुक्रवार को संसद तक अपनी मांग लेकर जाएंगे और तीन महीने के अंदर इसको पूरा करवाने की कोशिश करेंगे।


बता दें कि युगांडा को ब्रिटिश दासता से मुक्त हुए 60 वर्ष के अधिक गुजर गए हैं, लेकिन कम्पाला की कई सड़कों के नाम ब्रिटिश सैनिकों के नाम पर हैं। ब्रिटेन की सेना ने यहां के राज परिवार को हटाकर युगांडा पर कब्जा करने के दौरान हजारों स्थानीय लोगों को या तो कत्ल कर दिया था या गुलाम बनाकर रखा था।