मलावी में विपक्षी दल ने जीता राष्ट्रपति चुनाव

मलावी में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद दोबारा कराए गए चुनाव में लाजर मैकार्थी चकवेरा बने राष्ट्रपति
khidki desk


मलावी में अदालत के ऐतिहासिक फैसले के बाद दोबारा कराए गए राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दल ने जीत हासिल की है। अफ्रीका में पहली बार अदालत के चुनाव को पलट देने के बाद किसी निवर्तमान नेता की हार हुई है।


लाजर मैकार्थी चकवेरा ने शनिवार को जो हासिल की है, यह जीत महीनों से दक्षिण अफ्रीकी देश में सड़कों पर जारी प्रदर्शन और संवैधानिक न्यायालय के उस फैसले का नतीजा है, जिसमें उसने कहा था कि मई 2019 में हुए चुनाव में व्यापक अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।


राष्ट्रपति पीटर मुथारिका ने दोबारा चुनाव कराने के निर्णय को शनिवार को मलावी के इतिहास में सबसे खराब करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यकतओं को मंगलवार को हुए चुनाव के दौरान धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई, लेकिन मलावी मानवाधिकार आयोग के पर्यवेक्षकों ने मतदान को शांतिपूर्ण और पारदर्शी करार दिया।


चकवेरा ने 58 प्रतिशत मत (26 लाख वोट) के साथ चुनाव में जीत हासिल की है। वहीं, कुल 44 लाख में से मुथारिका को 17 लाख वोट ही मिले। जीत के बाद चकवेरा ने पत्रकारों से कहा, कि मैं इतना खुश हूं कि रात भर नाच सकता हूं।