भारत के 10 सैनिक रिहा, पर चीन का दावा नहीं थे हिरासत में

भारतीय मीडिया ने चीन की ओर से 10 भारतीय सैनिकों की रिहाई की बात कही है लेकिन चीन दावा कर रहा है कि उसने हिरासत में लिया ही नहीं था.

- Khidki Desk


शुक्रवार को भारतीय मीडिया में चीन की ओर से 10 भारतीय सैनिकों की रिहाई की ख़बरें छाई रही. भारत के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार दि हिंदू और दि इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्टों के मुताबिक़ बृहस्पतिवार को शाम तक़रीबन पांच बजे चीन ने भारत के इन 10 सैनिकों को रिहा किया.


पिछले तक़रीबन एक महीने से गालवान घाटी में दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बाद बीते सोमवार की रात भारतीय और चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई ​थी. इस झड़प में 78 भारतीय सैनिक घायल भी हुए थे और अब ख़बर आई है कि 10 भारतीय सैनिकों को ​चीनी सेना ने हिरासत में भी लिया था.


हालांकि ख़बर के मुताबिक़ भारतीय सेना ने कहा है कि अब कोई भी भारतीय सैनिक लापता नहीं है. इस ख़बर के अनुसार यह रिहाई दोनों देशों के बीच मेजर जनरल स्तर की कई बार हुई बातचीत के बाद हुई है.


लेकिन उधर चीन ने भारतीय मीडिया में छाई इस ख़बर को ख़ारिज़ करते हुए कहा है कि उसने किसी भी भारतीय सैनिक को हिरासत में नहीं लिया था. जब भारतीय मीडिया में छाई सैनिकों की रिहाई की इस ख़बर के बारे में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''चीन ने किसी भी भारतीय सैनिक को ​हिरासत में नहीं लिया था.''


भारत और चीन के बीच इस तरह की हिंसक झड़प पिछले 45 सालों में नहीं हुई थी इस लिहाज़ से सीमा पर उभरा यह तनाव बेहद गंभीर माना जा रहा है. हालांकि समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक़ लिजियान ने दोहराया है कि दोनों ही पक्षों के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है. लिजियान ने कहा है, ''हमें उम्मीद है कि भारत चीन के साथ लंबे विकास और द्विपक्षीय संबंधों को बरक़रार रखेगा.''


हालांकि उन्होंने भारत पर आरोप लगाते हुए यह भी जोड़ा है कि सीमा पर पैदा हुए विवाद की पूरी ज़िम्मेदारी भारत पर है.


इधर भारत में इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई आॅल पार्टी मीटिंग, विडियो कॉंफ्रेंसिंग के शुक्रवार की शाम को शुरू हो गई है. इस बैठक में कॉंग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत कई महत्वपूर्ण नेताओं ने प्रतिभाग किया है. बैठक में इस झड़प के बाद बने तनावपूर्ण हालातों में भारत की ओर से क्या राजनयिक और सैन्य क़दम उठाए जाएं इस पर चर्चा होगी.

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