Covid-19 स्रोत पर WHO की अध्ययन रिपोर्ट पर 14 देशों को एतराज़

कहा गया है कि इस रिपोर्ट के आने में देरी हुई है और रिपोर्ट में पर्याप्त डाटा मुहैया नहीं कराया गया है. उनका कहना है कि ऐसे में इस रिपोर्ट पर कैसे भरोसा किया जा सकता है.

-Khidki Desk

14 देशों के एक समूह ने विश्व स्वास्थ संगठन की कोरोना वायरस के स्रोत को तलाशने के लिए किए गए एक अध्ययन की रिपोर्ट को लेकर ऐतराज़ जताया है.


कहा गया है कि इस रिपोर्ट के आने में देरी हुई है और रिपोर्ट में पर्याप्त डाटा मुहैया नहीं कराया गया है. उनका कहना है कि ऐसे में इस रिपोर्ट पर कैसे भरोसा किया जा सकता है.


वहीं WHO प्रमुख टैड्रोस अधनोप गैब्रिएसस ने उस थ्येरी पर अध्ययन के लिए एक अग्रिम जांच की बात कही है जिसमें कोरोनावायरस के वुहान की एक वायरोलॉजी लैब से लीक होने की बात कही गई थी.

ताजा रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन के फैक्ट फाइंडिंग मिशन की चीन के शहर वुहान में की गई जांच पर आधारित है. वु​हान में ही कोविड 19 की पहली बार पहचान की गई थी. रिपोर्ट पर ऐतराज जताने वाले देशों में अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, एस्टोनिया और इजराएल ने एक बयान में कहा है कि वे महामारी खत्म करने के लिए डब्ल्यूएचओ के प्रयासों का समर्थन करते हैं और इस बात का भी कि महामारी कैसे शुरू हुई और किस तरीके से फैली.


लेकिन यह भी कहा कि हमारे लिए इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए आवाज उठाना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की जांच काफी देर से और असली आंकड़ों व नमूनों तक पूरी पहुंच के बगैर की गई.