अमेरिका में जबरदस्त मंदी

अमेरिका में आर्थिक गतिविधियों की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था नैश्नल ब्यूरो ऑफ़ इकॉनोमिक रिसर्च ने आधिकारिक तौर पर अर्थव्यवस्था के मंदी की चपेट में आने की घोषणा की है.

- Khidki Desk


कारोनावायरस ना सिर्फ़ दुनिया भर में स्वास्थ संबंधी चुनौती लेकर आया है जबकि आर्थिक मोर्चे पर इसने बड़ा हमला किया है और अर्थव्यवस्थाएं घुटनों पर आ गई हैं. कोरोना की सबसे भयानक मार झेलने वाले अमेरिका ने अब आधिकारिक तौर पर अर्थव्यवस्था के मंदी की चपेट में आने की घोषणा की है.


अमेरिका में आर्थिक गतिविधियों की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था नैश्नल ब्यूरो ऑफ़ इकॉनोमिक रिसर्च ने कहा है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में आख़िरी बार उभार फ़रवरी में दर्ज किया गया था. तबसे अर्थव्यवस्था जबरदस्त तरीक़े से लुड़कती गई है.


आर्थिक उत्पादन, रोजगार और उपभोग का चक्र एतिहासिक तौर पर चरमरा गया है. 2008 की मंदी से उबरने के बाद से अमेरिकी अर्थव्यवस्था लगातार ग्रोथ कर रही थी लेकिन कोरोना वायरस से उसे भयानक झटका लगा है और वह 1930 की महामंदी की तरह के हालात में है.


नवंबर में अमेरिका में फिर चुनाव होने हैं. राष्ट्रपति ट्रम्प अपने पिछले इलैक्शन कैंपेन्स से ही अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने का दावा करते रहे और अपने पूरे कार्यकाल में भी वह इस दावे को दोहराते रहे हैं. लेकिन कोरोनावायरस की चपेट में आई अमेरिकी अर्थव्यस्था ने उनके इस समीकरण को तगड़ा झटका दिया है.

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