फिर धधकने लगे अमेजन के वर्षावन

इस बार जुलाई महीने के आख़िरी दिनों में आग की घटनाओं में जबरदस्त उभार देखा गया है. अकेले 30 जुलाई को एक हज़ार से ज्यादा मामले दर्ज हुए. इसे देखते हुए दुनियाभर में पर्यावरणविदों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंताएं बढ़ गई हैं.

- Khidki Desk


पिछले साल की तुलना में जुलाई में अमेजन के वर्षावनों में लगी आग के आधिकारिक तौर पर दर्ज आंकड़ों में 28 फ़ीसद का उछाल दर्ज किया गया है. इसे देखते हुए दुनियाभर में पर्यावरणविदों और पर्यावरण प्रेमियों की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि अब आशंका यह जताई जाने लगी है कि यह साल भी पिछले साल को दोहरा सकता है, जबकि दुनिया के फेफड़े जल उठे थे.


ब्राज़ील की स्पेस रिसर्च ऐजेंसी INPE ने पिछले महीने यानि जुलाई में दुनिया के सबसे बड़े वर्षावन अमेजन में लगी आग के 6,803 मामले दर्ज किए हैं. जबकि जुलाई 2019 में 5,318 मामले दर्ज किए गए थे. हालांकि पिछले साल असली उभार अगस्त में दर्ज किया गया था जब अमेजन के जंगलों में आग की 30,900 घटनाओं को दर्ज किया गया.


इस बार जुलाई महीने के आख़िरी दिनों में आग की घटनाओं में जबरदस्त उभार देखा गया है. अकेले 30 जुलाई को एक हज़ार से ज्यादा मामले दर्ज हुए. एडवोकेसी ग्रुप ग्रीनपीस के एक विश्लेषण के आधार पर जुलाई 2005 के बाद से एक दिन में लगी आग की ये सबसे अधिक घटनाएं थी. ऐसे में पर्यावरणविदों ने पिछले साल की पुनरावृत्ति की आशंका जताई है.


ब्राज़ील के Amazon Environmental Research Institute के साइंस डायरेक्टर Ane Alencar ने कहा है -


''यह बेहद भयावह संकेत हैं. हम यह मान सकते हैं कि अगस्त तो एक चुनौतीभरा महीना होगा ही और सितम्बर तो और भी बुरा होगा.''


अमेजन जंगलों का तक़रीबन 60 फ़ीसद हिस्सा ​ब्राज़ील में आता है. ऐसे में पिछली बार जब जंगलों का धधकना शुरू हुआ और दुनिया की नज़र सुलगते जंगलों पर पड़ी तो पर्यावरण विदों और अंतर्राष्ट्रीय संस्थओं की ओर से ब्राज़ील पर दबाव पड़ा कि वह जंगलों को बचाने के लिए कोशिशें करे.


हालांकि ब्राज़ील के राष्ट्र​पति जायर बोलसोनारो पर ख़ुद जानबूझकर अमेजन के जंगलों को बर्बाद करने के आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने जंगलों के बड़े हिस्से को काट कर लकड़ी के औद्योगिक इस्तेमाल, खनन और खाली ज़मीन में औद्योगिक स्मर पर खेती की योजनाएं बनाई हैं. रिपोर्टों के अनुसार हर रोज़ एक फ़ुटबॉल के मैदान के बराबर जंगल काटा जाता है.


पिछले साल जब अमेजन के जंगलों में आग की ख़बरें आग की तरह दुनियाभर में फैल गईं तो इससे बने दबाव को टालने के लिए राष्ट्रपति बोलसोनारो ने आगजनी की ग़लत रिपोर्टिंग और पर्यावरण समूहों पर उनके ख़िलाफ़ साजिश के आरोप लगाए थे.


इस उठा पटक के बावजूद जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग की चुनौतियों से जूझ रही दुनिया असल में अमेजन के जंगलों का इस तरह बेतहाशा जलना बर्दास्त नहीं कर सकती है. ऐसे में जुलाई में आए आगज़नी के आंकड़ों ने जो आशंका पैदा की है वह पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक है.

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