'अमेरिका की कोरोना टास्कफ़ोर्स होगी भंग'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कोरोना टास्कफ़ोर्स को समेट जाने के क़दम को सही बताते हुए कहा कि ''अमेरिका को अगले पांच सालों के लिए बंद नहीं रखा जा सकता.''

Khidki Desk



अमेरिका में कोरोना वायरस के भयानक प्रकोप के बीच व्हॉइट हाउस की कोरोनावायरस टास्क्फ़ोर्स को भंग किया जा रहा है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस, जो कि इस टास्कफ़ोर्स का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि अगले कुछ हफ्तों में इस टास्कफ़ोर्स को भंग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस के प्रकोप से किस तरह निपटना है इसका ख़्याल अब अब संघीय संस्थाएं रखेंगी। इधर ​बीते हफ़्तों में पहली बार वॉशिंग्टन डीसी से बाहर निकले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कोरोना टास्कफ़ोर्स को समेट जाने के क़दम को सही बताते हुए कहा कि ''अमेरिका को अगले पांच सालों के लिए बंद नहीं रखा जा सकता।'' ट्रम्प चुनाव कैम्पेन के सिलसिले में एरिज़ोना की एक मास्क फ़ैक्ट्री में गए हुए थे. जहां उन्होंने प्रेस से बात करते हुए कहा,

''माइक पेंस और टास्कफ़ोर्स ने ग़ज़ब का काम किया है. लेकिन हम अब एक अलग क़िस्म के तरीक़े के बारे में सोच रहे हैं. और यह तरीक़ा है सुरक्षा और खोलने का. और शायद इसके लिए हमें एक अलग ग्रुप सेटअप करना होगा. ''

हालांकि उन्होंने कहा है कि टास्कफ़ोर्स के भंग हो जाने के बाद भी अमेरिका में संक्रामक रोगों के सबसे अनुभवी व्यक्ति और नैश्नल इंस्टिट्यूट आॅफ एलर्जिक एंड इन्फैक्शियस डिज़ीज़ के प्रमुख डॉ. एंथोनी फौसी और टास्कफ़ोर्स के एक और महत्वपूर्ण व्यक्ति डॉ. डेबोरा ब्रिक्स, एक सलाहकार के बतौर बरक़रार रहेंगे. इधर यूनिवर्सिटी आॅफ़ वॉशिंग्टन के इंस्टिट्यूट आॅफ़ हेल्थ मेट्रिक्स एंड एवेल्यूशन यानि IHME ने मंगलवार को ही अपने नए अध्ययन के मुताबिक आशंका जताई है कि अमेरिका में कोरोना वायरस के प्रकोप से इस साल अगस्त तक लगभग 1 लाख 35 हज़ार लोग मारे जाएंगे. शोधकर्ताओं का कहना है कि इसकी वजह सोशल डिस्टेंसिंग के लिए अपनाए गए क़दमों में दी जा रही रियायतें हैं. नोवल कोरोनावायर से अमेरिका में अब तक 12 लाख से अधिक लोग सं​क्रमित हो चुके हैं और 72,284 लोग मारे जा चुके हैं. कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए एहतियात के बतौर अपनाए गए लॉकडाउन से वैश्विक अर्थव्यवस्था को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा है. अधिकतर सरकारों का रूख़ अब कोरोनावायरस के संक्रमण का जोख़िम उठाते हुए लॉकडाउन में रियायत देने और व्यापारिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने की ओर है. हालांकि ​संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ संगठन और अन्य वैश्वि संस्थाएं चेतावनी दे रही हैं कि जब तक कोरोना का टीका नहीं तैयार हो जाता, सोशल डिस्टेंसिंग के तरीक़ों में रियायत देना ख़तरनाक साबित हो सकता है.