'कोरोना की वैक्सीन बने या ना बने खुलेगा अमेरिका'

ट्रम्प ने कहा है कि वह ''ऑपरेशन वर्प स्पीड'' चला रहे हैं जिसका मक़सद साल के आख़िर तक कोरोना टीके को इजाद करना है.

- Khidki Desk



कोरोनावायरस से सबसे अधिक प्रभावित हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कहा है कि चाहे कोरोना का टीका बने या ना बने वह अमेरिकी अर्थव्यवस्था और जन जीवन को दोबारा से खोलेंगे. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया है कि इस साल के आख़िर तक कोरोना का टीका इजाद कर लिया जाएगा. व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफ़ के दौरान उन्होंने कोरोना वैक्सीन को इजाद करने की कोशिशों को दोगुना कर देने की बात कही है. जिसे उन्होंने ''ऑपरेशन वर्प स्पीड'' का नाम दिया है उन्होंने कहा,

''आज मैं आपको इस नई मेडिकल मुहिम के अगले चरण के बारे में बताना चाहता हूं। इसे हम ऑपरेशन वर्प स्पीड कह रहे हैं। यह वैज्ञानिक, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स के लिहाज़ से मेनहोटेन प्रोजेक्ट के बाद दुनिया का सबसे बड़ा उपक्रम है। आप वास्तव में यह कह सकते हैं कि अभी तक दुनिया में इतने बड़े स्तर पर कुछ नहीं हुआ फिर वह चाहे वह वेंटिलेटर की बात हो या परीक्षण की। हम जितने बड़े स्तर पर अपने देश में यह कर रहे हैं, वह दूसरे विश्व युद्ध के बाद नहीं हुआ। इसका मकसद पहले वैक्सीन को विकसित करने का कार्य ख़त्म कर उसका विनिर्माण औऱ फिर वितरण करना है। मुझे उम्मीद है कि हम इस साल के अंत तक इस मुहिम के नतीजे देखने लगेंगे।"

राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अमेरिका में आर्थिक और जन सामान्य गतिविधियों को वापस खोले जाने को लेकर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा,

"मैं नहीं चाहता कि लोग यह सोचें कि यह सब एक वैक्सीन पर निर्भर करेगा. टीका आये या नहीं, हमें वापस आना है. और हम प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं. ऐसे कई रोग हैं जिनके टीके उपलब्ध नहीं हैं. कई बार कई वायरस या फ़्लू आते हैं और आप उनसे लड़ते हैं. और कभी कभी रोगों के लिए कोई टीका नहीं बनता फिर भी वे ख़त्म हो जाते हैं।"

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस साल के अंत तक टीका बना लेने के दावे पर ख़ुद अमेरिका के विशेषज्ञों ने शंका जताई है. साथ ही उनकी अर्थव्यवस्था को खोलने की हड़बड़ी को लेकर भी ​विशेषज्ञ चेतावनी दे चुकें हैं कि अगर तैयारियां पूरी नहीं हुई तो यह कोरोना के प्रकोप को भयानक कर सकता है. बीते दिनों अमेरिका में संक्रामक रोगों के प्रमुख डॉ. एंथॉनी फाउची ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका में आर्थिक गतिविधियों को बहुत जल्दी खोलने की हड़बड़ी की गई तो कोरोनावायरस के संक्रमण के और भयानक तरीक़े से फ़ैलने का ख़तरा है. फौउची ने यह बात सिनेट कमेटी ऑफ़ हेल्थ, एजुकेशन, लेबर एंड पेंशन के साथ एक विडियो कॉंफ्रेंसिंग में कही. उन्होंने कहा था कि इस बात में कोई संशय नहीं है कि अगर सबसे ​बढ़िया हालात भी रहे तो भी जब आप रियायतों में ​ढील देंगे तो कुछ मामले फिर से उभरेंगे ही. और अगर बिना सख़्त दिशानिर्देश जारी किए गए दोबारा से चीज़ों को खोलने की जल्दबा​ज़ी दिखाई जाएगी तो नए मामलों में आने वाला उभार, प्रकोप भी बन सकता है. और इसके परिणाम गंभीर साबित होंगे.

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