अमेरिकियों ने रखा '​जीवन के सबसे दु:ख भरे हफ़्ते' में क़दम

''मैं खुल कर कहूं तो अधिकतर अमेरिकियों के लिए यह ज़िंदगीभर का सबसे कठिन और दु:ख भरा हफ्ता होने वाला है। यह हमारे लिए पर्ल हार्बर जैसा लम्हा होगा, या फिर 9/11 जैसा, बात सिर्फ यह है कि यह सिर्फ लोकलाइज्ड नहीं होगा पूरे अमेरिका में होगा।'' - जिओर्मी एडम्स, अमेरिका के सर्जन जनरल

- Khidki Desk



अमेरिका ने कोरोना संकट के दौर के अब तक के अपने सबसे संवेदनशील हफ्ते में क़दम रख लिया है। सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि न्यूयॉर्क, मिशिगन और लूइशिआना राज्यों में वे संकेत देखे जा चुके हैं जो कि दूसरे राज्यों में भी दोहराए सकते हैंं।


अमेरिकी ​न्यूज़ एजेंसी फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए अमेरिका के सर्जन जनरल जिओर्मी एडम्स ने कहा है, ''मैं खुल कर कहूं तो अधिकतर अमेरिकियों के लिए यह ज़िंदगीभर का सबसे कठिन और दु:ख भरा हफ्ता होने वाला है। यह हमारे लिए पर्ल हार्बर जैसा लम्हा होगा, या फिर 9/11 जैसा, बात सिर्फ यह है कि यह सिर्फ लोकलाइज्ड नहीं होगा पूरे अमेरिका में होगा।'' अमेरिका में अब तक कुल 3,36,958 मालों की पुष्टि हुई है, 17,407 लोगों की मृत्यु हुई है और 9,626 लोग ठीक हुए हैं।


हालांकि अमेरिका में यह तब हो रहा है जब यूरोप में आशा की किरणें जगने लगी हैं। इटली में मरने वालों की संख्या पिछले दो हफ्तों में सबसे कम पर आ गई है और संक्रमण का ग्राफ़ आख़िरकार नीचे की ओर झुक गया है।


इसबीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन को कुछ जांचों के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि उनके दफ़्तर ने कहा है, कि ''यह एहतियातन उठाया गया क़दम है'' और वही सरकार का नेतृत्व करते रहेंगे।


इधर, जॉन्स हॉपकिंस् यूनिवर्सिटी की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक़ दुनियाभर में COVID-19 से मरने वालों की संख्या अब 70,000 के पास पहुंच गई है वहीं इसके संक्रमण के दायरे में अब 12 लाख 70 हज़ार लोग आए हैं।