Myanmar में जारी सेना का क़हर, 38 मौतें

मॉनिटरिंग ग्रुप Assistance Association for Political Prisoners ने दावा किया है कि म्यांमार में इस घटना के साथ ही रविवार को सैन्य प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर हुई अलग अलग कार्रवाइयों में 38 लोगों की जान चली गई है.

- Khidki Desk

म्यांमार में ​रविवार, फिर से एक ख़ूनी मंज़र का गवाह बना. सैन्य प्रशासन ने देश के सबसे बड़े शहर रंगून में ह्लैंग थार यार Hlaing Thar Yar इलाक़े में सैन्य तख़्तापलट का विरोध करने सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों पर फिर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी और इस घटना में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई.


मॉनिटरिंग ग्रुप The Assistance Association for Political Prisoners ने दावा किया है कि म्यांमार में इस घटना के साथ ही रविवार को सैन्य प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर हुई अलग अलग कार्रवाइयों में 38 लोगों की जान चली गई है.


ग्रुप का दावा है कि 1 फ़रवरी को हुए तख़्तापलट के बाद से सैन्य कार्रवाइयों में अब तक कुल मिलाकर 126 लोगों की मौत हुई है और 2150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.


Hlaing Thar Yar और आस पास के इलाक़ों में सेना की ओर से मार्शल लॉ लागू कर दिया गया है.


इस घटनाक्रम के ख़िलाफ़ चुने हुए सांसदों के प्रतिनिधि डॉक्टर सासा ने एक बयान जारी किया है जिसमें कहा गया है, ''अपराधी, हमलावर और म्यांमार की जनता की दुश्मन State Administrative Council को बहाए गए एक एक ख़ून के क़तरे का जवाब देना होगा.


वहीं म्यांमार के लिए संयुक्त राष्ट्र की राजदूत क्रिस्टीन श्रेंगर बर्गेनर ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए म्यांमार में चल रहे ख़ून ख़राबे की तीखी आलोचना की है. उन्होंने अपने बयान में लिखा है, ''पड़ोंसी देशों के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समुदाय,को म्यांमार की जनता और उनकी लोकतांत्रिक भावनाओं के समर्थन में एक साथ आगे आना चाहिए.''


इधर शनिवार को सैन्य तख़्तापलट के बाद से अंडरग्राउंड हो गए म्यांमार के चुने हुए सांसदों के नेता माह्न विन खाइंग थान ने फ़ेसबुक और एक वेबसाइट के ​ज़रिए पहली बार देश के लोगों को संबोधित किया है.

उन्होंने अपने संबोधन में म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के ख़िलाफ़ चल रहे संघर्ष को क्रांति बताते हुए कहा, ''यह देश के लिए सबसे अधंकारमय क्षण है और जल्द ही सुबह होने वाली है. यह क्रांति संघीय लोकतंत्र स्थापित करने में हमारी कोशिशों को एकजुट करने का मौका है. अन्याय करने वाली सेना के आगे हम कभी नहीं झुकेंगे, बल्कि अपनी एकजुट ताक़त से भविष्य का निर्माण करेंगे.''


वीडियो के अंत में थान ने तीन उंगलियों से एक सलामी दी जो सैन्य शासन के प्रतिरोध का प्रतीक बन गई है.


अंडरग्राउंड हो गए म्यांमार के चुने हुए सांसदों ने Committee for Representing Pyidaungsu Hluttaw यानि सीआरपीएच नाम से एक ग्रुप बना लिया है. सीआरपीएच को उम्मीद है कि अंतर्राष्ट्रीय तौर पर उसे म्यांमार की असली सरकार के तौर पर मान्यता दी जाए. म्हान विन खाइंग थान को सीआरपीएच के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर चुना गया है.


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