'उजाले और अंधियारे की लड़ाई का चुनाव': Joe Biden : KIB

ख़ुद को अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनावों में औपचारिक तौर पर डैमोक्रेट उम्मीदवार के तौर पर पेश करते हुए अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेन ने डैमोक्रेटिक नैश्नल कन्वेंशन में अपनी ज़िंदगी का अब तक का सबसे अहम भाषण दिया है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, कि अगर अमेरिकी जनता उन्हें राष्ट्रपति के तौर पर चुनती है तो वे उजाले के साझेदार बनेंगे ना कि अंधियारे के. इस भाषण में बाइडेन ने अमेरिकी के मौजूदा हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह अमेरिका के लिए "वास्तविक संकट का समय है, लेकिन असाधारण संभावनाएं" भी हैं.

- रोहित जोशी

डैमोक्रेटिक नैश्नल कन्वेंशन की चौथी और आख़िरी रात, 77 साल के जो बाइडेन के लम्बे राजनीतिक जीवन की अब तक की सबसे अहम रात थी और यहां उनका दिया भाषण भी उनके अब तक के ​जीवन का सबसे महत्वपूर्ण भाषण था. यहां डैमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर उन्होंनें अपनी दावेदारी स्वीकारी और विश्वास जताया कि वे अपने अनुभव और शालीनता से अमेरिका को मौजूदा संकट से उबार देंगे.


उन्होंने मशहूर सिविल राइट एक्टिविस्ट एला बेकर को याद करते हुए कहा -

''नागरिक अधिकार आंदोलनों की एक महान सख़्सियत, एला बेकर, ने हमें यह बात समझाई है कि लोगों को प्रकाश दें. वे अपना रास्ता तलाश लेंगे.. लोगों को प्रकाश दें.. हमारे दौर के लिए भी इन शब्दों का मतलब है.. मौजूदा राष्ट्रपति ने लंबे समय से अमेरिका को अंधेरे में धकेला हुआ है.. बहुत सारा ग़ुस्सा है.. बहुत सारा डर है.. बहुत सारा ​विभाजन है.. यहां मैं आपसे वादा करता हूं.. अगर आपने मुझे राष्ट्रपति बनाने में विश्वास दिखाया.. मैं हमारे भीतर के सबसे बेहतर को बाहर लाउंगा.. ना कि सबसे बुरे को.. मैं उजाले का साझेदार रहुंगा ना कि अंधियारे का.. यह हमारे लिए एक मौका है.. हम लोग साथ आएं.. और कोई ग़लती ना करें.. साथ आकर हम अमेरिका में छाए इस अंधियारे से उबर सकते हैं और उबर पाएंगे.. हम डर के बजाय उम्मीद को चुनेंगे.. फिक़्शन के बजाय तथ्यों को चुनेंगे.. विशेषाधिकारों के बजाय साफ़गोई को चुनेंगे..

बाइडेन ने कहा कि उन्हें डैमोक्रेट होने का गर्व है.. और उन्हें इस बात में भी गर्व महसूस होगा कि वे आम चुनावों में अपनी पार्टी का बैनर लेकर मैदान में होंगे.


बाइडेन ने आगे कहा अमेरिका में मौजूदा हालात एक जबरदस्त तूफ़ान की तरह हैं, एक तरफ़ पिछले सौ सालों की सबसे भयानक महामारी है वहीं दूसरी ओर महामंदी के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक संकट है. उन्होंने कहा कि 60 के दशक के बाद से अभी देश के भीतर सबसे बड़ी रेसियल जस्टिस की भी मांग भी उभर कर आई है.


इस भाषण में बाइडेन ने अमेरिकी के मौजूदा हालात को बेहद चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह अमेरिका के लिए "वास्तविक संकट का समय है, लेकिन असाधारण संभावनाएं" भी हैं.


बाइडेन ने वादा किया कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली प्राथमिकता कोरोनावायरस से निपटना होगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए तेज़ी से जांच और प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट्स को मुहैया कराने पर ज़ोर देंगे.


मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल के ख़िलाफ़ महसूस की जा रही जबरदस्त एंटी इंकम्पेंसी के बीच जो बाइडेन के लिए अपने राजनीति जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण भाषण को देने का सबसे सटीक माहौल था. लेकिन असल में यह भाषण और बाइडेन की दावेदारी अमेरिकी अवाम के जेहन में कितना असर डाल पाती है इसका पता आगामी चुनावों के परिणाम ही बताएंगे.

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