दोहरे संकट में ब्राज़ील

ब्राज़ील के सामने दो चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं. पहली कोरोना और दूसरे बोलसोनारो

-अभिनव श्रीवास्तव

बीते 24 घंटों में कोरोना महामारी का नया हॉटस्पॉट बनकर उभरा ब्राज़ील एक अभूतपूर्व दोहरे संकट में खड़ा दिखाई दे रहा है। एक तरफ़ कोरोना संक्रमण के चलते पिछले 24 घंटों में यहां रिकॉर्ड 881 मौतें दर्ज हुई हैं तो दूसरी तरफ़ राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के ख़िलाफ़ अपने निजी हितों के लिए संघीय पुलिस के काम में दखल देने के आरोप पुष्ट होते हुए नज़र आ रहे हैं। इस महामारी की गंभीरता को सिरे से नकारने के चलते उनकी कार्यशैली पहले ही सवालों के घेरे में है।

उनके ख़िलाफ़ लगा आरोप कैबिनेट मीटिंग के उस वीडियो के सामने आने के बाद और पुष्ट हो गया है जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि अपने रिश्तेदारों को जांच से बचाने के लिए उन्हें रियो डी जेनेरो के संघीय पुलिस प्रमुख को अपने पद से हटाना होगा। ख़बरों के अनुसार, इस मीटिंग के वीडियो से परिचित एक व्यक्ति ने यह बात रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को कही है। इस वीडियो को मंगलवार को बोलसोनारो के ख़िलाफ़ जांच में जुटे अधिकारियों को भी दिखाया गया। हालांकि बोलसोनारो अपने ऊपर लगे आरोपों को ग़लत और बेबुनियाद बता रहे हैं। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि वीडियो में कहीं भी उन्होंने संघीय पुलिस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले देश की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति बोल्सनारो के ख़िलाफ़ कथित रूप से देश की संघीय पुलिस के काम में हस्तक्षेप के आरोप में जांच के आदेश दे दिये थे। यह तब हुआ था जब बोलेरो के पूर्व न्याय मंत्री सेरियो मोरो ने अपना इस्तीफ़ा देते वक्त राष्ट्रपति बोलस्नारो द्वारा उनसे संघीय पुलिस प्रमुख को बदलकर अपने किसी पसंदीदा व्यक्ति को प्रमुख बनाने की बात कही थी। उनके इस बयान के बाद राष्ट्रपति बोलस्नारो के ख़िलाफ़ जांच करने की मांग की जा रही थी। वहीं, वीडियो सामने आने के बाद सेरियो मोरो ने बोलसोनोरो पर लगाए गए आरोपों के सही होने की बात दोहराई है। इधर इस राजनीतिक संकट के बीच ब्राज़ील में कोरोना महामारी ने भीषण रूप ले लिया है। बीते 24 घंटों में हुई 881 मौतों के आंकड़ों को जोड़ लें तो ब्राज़ील में मंगलवार तक कोरोना संक्रमण से 12,400 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,77,589 हो गए हैं। बोलसोनारो कोरोना संक्रमण को सामान्य फ्लू बताकर पहले ही आलोचना का सामना कर रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकारों द्वारा लॉकडाउन लगाने का भी विरोध किया है। इसके अलावा वे जिम और हेयर सैलून को आवश्यक सेवा बताकर राज्य सरकारों से झगड़ा मोल ले चुके हैं। ज़ाहिर है कि मौजूदा राजनीतिक संकट और बोलसोनारो के अड़ियल रवैए के दुष्परिणाम ब्राज़ील को भुगतने पड़ेंगे।

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