अमेरिका ने ब्राजील भेजी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की 20 लाख ख़ुराक़

इस बयान में यह भी कहा गया कि "हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जैसी दवाओं का इस्तेमाल एक रोगनिरोधी के रूप में किया जाएगा ताकि वायरस के ख़िलाफ ब्राजील के डॉक्टरों, नर्सों, और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बचाव में मदद की जा सके. अमेरिका ने यह भी कहा है कि ब्राज़ील को 1,000 वेंटिलेटर भी भेजे जाएंगे.

- Khidki Desk



इधर ब्राज़ील के स्वास्थ मंत्रालय की ओर से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के इस्तेमाल को मिली हरी झंडी के बाद अब अमेरिका ने एक बयान में कहा है कि, उसने ब्राज़ील को COVID-19 से लड़ने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की बीस लाख ख़ुराक भेजी हैं.


इस बयान में यह भी कहा गया कि "हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन जैसी दवाओं का इस्तेमाल एक रोगनिरोधी के रूप में किया जाएगा ताकि वायरस के ख़िलाफ ब्राजील के डॉक्टरों, नर्सों, और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बचाव में मदद की जा सके. अमेरिका ने यह भी कहा है कि ब्राज़ील को 1,000 वेंटिलेटर भी भेजे जाएंगे.


किसी भी ​स्वास्थ एजेंसी ने अब तक कोरोनासंक्रमण के ​इलाज या राकथाम के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को पुख़्ता तौर पर नहीं सुझाया है. बावजूद इसके अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन की पैरवी करते नज़र आये है. उन्होंने एक बयान में ख़ुद इस दवा के सेवन की भी बात भी कही थी, जिसके बाद ब्राज़ील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन को मरीजों के इलाज के लिए मंजूरी दे दी थी.


आपको बता दें कि अमेरिका के मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने अपने एक अध्ययन में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों में मौत का ख़तरा बढ़ने की सम्भावना जताई थी जिसके बाद WHO ने भी कोरोना वायरस के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के परीक्षणों में रोक लगा दी थी.

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