चीन की आबादी हो जाएगी आधी, भारत शीर्ष पर

अध्ययन के मुताबिक़ जब दुनिया साल 2100 में प्रवेश करेगी तो इसकी कुल आबादी तक़रीबन 8.8 अरब होगी और अधिकतर देशों की आबादी 21 वीं सदी के अंत तक घटते क्रम में पहुंच जाएगी.

- Khidki Desk


मशहूर मेडिकल पत्रिका The Lancet में छपे एक शोध के मुताबिक़ आने अगली सदी में यानि जब दुनिया साल 2100 में दाख़िल होगी, भारत जनसंख्या के लिहाज़ से दुनिया का सबसे बड़ा देश होगा. हालांकि इस शोध के मुताबिक भारत की कुल आबादी मौजूदा समय की आबादी से कम होगी लेकिन वह फिर भी 1.1 अरब से ज़्यादा होगी. इस अध्ययन के अनुमानों के आधार पर दुनिया के अधिकतर देशों की आबादी 21 वीं सदी के अंत तक घटते क्रम में पहुंच जाएगी.


दुनिया की कुल आबादी में पूर्व में संयुक्त राष्ट्र की ओर से लगाए गए एक अनुमान की तुलना में 2 अरब कम बढ़ोत्तरी होगी.


इस अध्ययन के मुताबिक़ जब दुनिया साल 2100 में प्रवेश करेगी तो इसकी कुल आबादी तक़रीबन 8.8 अरब होगी. यह आबादी अभी की दुनिया की कुल अबादी यानि 7.8 अरब से महज़ 1 अरब ज़्यादा है.


इस शोध के मुताबिक चीन, जापान, इटली, पोलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण कोरिया, स्पेन और थाइलेंड समेत 20 ​देशों की आबादी इस अध्ययन में लगाए गए अनुमान के मुताबिक मौजूदा आबादी की ठीक आधी हो जाएगी. चीन की आबादी के बारे में इस शोध में कहा गया है कि चीन की आबादी अगले इन 80 सालों में 1.4 अरब से गिर कर 73 करोड़ पहुंच जाएगी.


इस अध्ययन में सहारन अफ़्रीकी देशों में आबादी के तीन गुना बढ़ने का अनुमान है और यहां की कुल आबादी 3 अरब से ज़्यादा हो जाएगी और नाइज़ीरिया सबसे अधिक जनसंख्या वाला अफ़्रीकी देश और दुनिया में भारत के बाद दूसरे स्थान पर सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा, जिसकी जनसंख्या तक़रीबन 80 करोड़ होगी.


यह शोध University of Washington ने दुनिया भर के कई शोधार्थियों की एक टीम के ज़रिए किया गया है.


अध्ययन में दुनिया भर में कुल जनसंख्या की बढ़ोत्तरी में अनुमानित इस कमी की वजह, महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता में आने वाली बढ़ोत्तरी को माना गया है.


हालांकि यह अनुमान जानकारी, विज्ञान और जागरूकता के मौजूदा आंकड़ों और संभावनाओं के आधार पर लगाया गया है. स्वाभाविक है कि आने वाले समय में दुनिया भर के देशों में होने वाले सामाजिक, राजनीतिक और वैज्ञानिक घटनाक्रम इस शोध के अनुमानों को बदल भी सकते हैं.