चीन की यूके को चेतावनी, हांगकांग में दखल न दे

चीनी राजदूत का यह बयान तब आया, जब इस कानून के लागू होने के बाद हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगी
khidki desk

लंदन में चीन के राजदूत लिउ जियाउ मिंग ने युनाइटेड किंगडम पर आरोप लगाया है कि वह हांगकांग में सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद उसके मामलों में दखल दे रहा है. चीनी राजदूत का यह बयान तब आया, जब इस कानून के लागू होने के बाद हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलनकारियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है और अंतरराष्ट्रीय सहायता मांगी है.


हालांकि युनाइटेड किंगडम ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। ब्रिटिश विदेश सचिव डॉमिनिक रॉब ने कहा कि यह चीन के घरेलू मामलों में दखलअंदाजी नहीं है. यह विश्वास और भरोसे की बात है, दुनिया के बहुत सारे देश सवाल उठा रहे हैं कि चीन अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का कितना पालन करेगा.


दूसरी ओर युनाइटेड किंगडम चीन के हांगकांग में लगाए गए सुरक्षा कानून को 1984 में दोनों देश के बीच तय संयुक्त घोषणापत्र का साफ और गंभीर उल्लंघन बता रहा है. इसके तहत तेरह वर्ष के बाद यानी 1997 में हांगकांग चीन के सुपुर्द कर दिया गया था.


ब्रिटेन ने यह भी कहा था कि वह चीन के इस कदम के बाद हांगकांग के तीस लाख लोगों को ब्रिटिश नागरिकता देगा. जियाउमिंग ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि युनाइटेड किंगडम का ब्रिटिश नेशनल ओवरसीज पासपोर्ट वाली नागरिकता देने का कदम न केवल चीन के आंतरिक मामलों में गंभीर किस्म की दखलअंदाजी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के तौर-तरीकों के भी खिलाफ है.


चीन देखेगा कि युनाइटेड किंगडम पासपोर्ट देने के मामले में क्या कदम उठाता है, उसके बाद ही हम आगे का रुख तय करेंगे.

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