ब्रिटेन के अधिकारियों पर चीन ने लगाया प्रतिबंध

वीगर मुसलमानों के कथित मानवाधिकार हनन को लेकर ब्रिटेन की तरफ़ से उठाए गए क़दमों के विरोध में चीन ने ये प्रतिबंध लगाए हैं.

- Khidki Desk



चीन ने ब्रिटेन के 5 सांसदों समेत 9 लोगों पर चीन के बारे में 'झूठ और ग़लत जानकारियां' फैलाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है. ये वे लोग हैं जो चीन की लगातार आलोचना करते रहते हैं.


वीगर मुसलमानों के कथित मानवाधिकार हनन को लेकर ब्रिटेन की तरफ़ से उठाए गए क़दमों के विरोध में चीन ने ये प्रतिबंध लगाए हैं.


ब्रिटेन के विदेश सचिव ने कहा कि अगर चीन "दावों को ख़ारिज करना" चाहता है तो उसे संयुक्त राष्ट्र को शिंज़ियाग में जाने की इजाज़त देनी होगी. प्रतिबंधित लोगों की सूची में पूर्व कन्सर्वेटिव नेता सर डंकन स्मिथ, एक वकील और एक शोधकर्ता शामिल हैं. जिन लोगों पर प्रतिबंध लगा है, वो सभी चीन, हॉन्ग कॉन्ग और मकाऊ नहीं जा पाएंगे. चीन में उनकी संपत्ति सील कर दी जाएगी और चीनी संस्थाएं और कंपनियां उनके साथ किसी तरह का व्यापार नहीं कर पाएंगी.


ब्रिटेन के विदेश सचिव डौमिनिक रैब ने कहा, "जब ब्रिटेन दुनिया के दूसरे देशों के साथ मिलकर मानवाधिकार उल्लघंन के कारण प्रतिबंध लगा रहा है, तो चीन अपने आलोचकों पर प्रतिबंध लगा रहा है. अगर चीन इन आरोपों को ख़ारिज करना चाहता है तो उसे यूएन हाई कमिश्नर फ़ॉर ह्यूमन राइट्स को सच की पड़ताल करने देना चाहिए."


चीनी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन का उसके ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का फ़ैसला, "अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों के बुनियादी नियमों के ख़िलाफ़ है. चीनी विदेश मंत्रालय ने ब्रिटेन के राजदूत को "पक्ष रखने, शिकायत दर्ज करने और कड़ी निंदा करने के लिए" समन किया है.