कोरोना और विश्व राजनीति का संकट

अमेरिका की ओर से लगातार चीन पर कोरोना वायरस के प्रकोप को फ़ैलाने का जो आरोप लगाया जा रहा है उसी के इर्द गिर्द दुनिया भर के 100 से अधिक देश कोरोनावायरस प्रकोप पर एक स्वतंत्र जांच के प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं. जबकि चीन ने फिर दोहराया है कि वह हमेशा एक पारदर्शी जांच के पक्ष में है लेकिन कोरोना के प्रकोप से उबरने के बाद ही किसी जांच की ओर आगे बढ़ा जा सकता है.

— भारती जोशी


संकट के समय अंतरविरोधों का और अधिक उभर कर सामने आना इतिहास रहा है और वर्तमान में भी यही दोहराया जा रहा है. कोरोनावायरस के प्रकोप के महामारी बनकर पूरी दुनिया को चपेट में ले लेने से, देशों और विश्व संगठनों के आपसी अंतरविरोध उभरकर सामने आ रहे हैं. अमेरिका, चीन और विश्व स्वास्थ संगठन पर हमलावर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने फिर से विश्व स्वास्थ संगठन पर हमला बोलते हुए उसे चीन की कठपु​तली बताया है. उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने

"हमें कोरोना वायरस को लेकर बहुत बुरी सलाह दी, वे सलाहें भयानक सलाह थी "

ट्रंप ने कहा की

" विश्व स्वास्थ्य संगठन हमेशा चीन के पक्ष में रहा है और यह हमेशा गलत था"

इधर सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन की दो दिवसीय सालाना बैठक में भी अमेरिकी स्वास्थ मंत्री एलेक्स एज़ार ने WHO और चीन आरोप लगाए. उन्होंने कहा,

''संगठन वह जानकारियां मुहैया कराने में असफल रहा है जिसकी दुनिया को ज़रूरत थी. और इस असफलता की क़ीमत कई जानें देकर चुकानी पड़ी है. साफ़ तौर पर इस प्रकोप को छिपाकर एक सदस्य देश ने पारदर्शिता बनाए रखने की जो ​उसकी ज़िम्मेदारी थी उसका मजाक उड़ाया जिसकी पूरी दुनिया को भयानक क़ीमत चुकानी पड़ रही है.''

इस वर्चुअल बैठक में विश्व स्वास्थ संगठन से जुड़े 194 सदस्य देशों ने भाग लिया. बैठक में शमिल रहे दुनिया भर के 100 से अधिक देश, कोरोनावायरस प्रकोप पर एक स्वतंत्र जांच के प्रस्ताव का समर्थन कर रहे हैं. इन देशों में यूरोपीय संघ के सभी देश शामिल हैं, 50 अफ़्रीकी देश भी. और बताया जा रहा है कि कनाडा, भारत, इंडोनेशिया, जापान, न्यूज़ीलेंड और रूस का भी इसे समर्थन है. हालांकि चीन ने कहा है कि वह किसी भी WHO की ओर से इस बारे में कराई जाने वाली किसी भी जांच के लिए तैयार है लेकिन पहले कोरोनावायरस पर क़ाबू पाया जा सके. बैठक में शामिल चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन COVID-19 के प्रकोप के बारे में हमेशा ही खुला और पारदर्शी रहा है. उन्होंने कहा —

''चीन बिल्कुल कोरोनावायरस पर वैश्विक प्रतिक्रिया कैसी रही इस पर एक व्यापक जांच के इस आइडिया से बिल्कुल सहमत है. यह काम विज्ञान और प्रोफ़ेश्नलिज़्म पर आधारित होना चाहिए. WHO इसका नेतृत्व करे और यह निष्पक्ष हो और भेदभाव से रहित हो.''

चीनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा है कि चीन COVID-19 के प्रकोप के बचाव में हर संभव मदद करेगा. उन्होंने चीन की ओर से कोरोना के टीके को बनाने के प्रयासों को तेज़ करने और टीका बन जाने पर सभी को उपलब्ध कराने की भी बात कही.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि, महामारी से लड़ने में विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों की अनदेखी करने वाले देशों के कारण हमारी दुनिया, भारी विनाशकारी कीमत चुका रही है। उन्होंने कहा

"अलग अलग देशों ने अलग-अलग, और कई बार विरोधाभासी रणनीतियों का पालन किया और अब हम सभी इसकी एक भारी कीमत चुका रहे हैं.”

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