चीन नहीं यूरोप बना अमेरिका में भयानक संक्रमण की वजह

Updated: May 3, 2020

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प कोरानावायरस के प्रसार को लेकर चीन पर जितने हमलावार हैं वह किसी से छिपा नहीं है. वह बार बार चीन पर जान बूझकर कोरोना वायरस के प्रसार का आरोप लगा रहे हैं और इस क्रम में वह यह भी कह चुके हैं कि चीन ने कोरोना वायरस का प्रसार इसलिए किया ताकि उन्हें आगामी चुनावों में हराया जा सके. इसी क्रम में वह विश्व स्वास्थ संगठन को अमेरिका की ओर से ​मिलने वाली मदद को भी रोक चुके हैं और लगातार उस पर चीन के प्रभाव में आकर काम करने के आरोप लगा रहे हैं.

-रोहित जोशी


अमेरिकी सरकार के सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन यानि सीडीसी की एक वरिष्ठ अधिकारी डॉक्टर एने श्यूचैट ने सीडीसी की वेबसाइट पर एक आलेख लिखा है जिसमें पेश किए गए तथ्यों से यह नज़र आ रहा है कि कम से कम अमेरिका में कोरोना वायरस के हुए भयानक संक्रमण के पीछे चीन का कोई प्रभावी योगदान नहीं है. ज​बकि यूरोपीय देशों से की गई यात्राएं वहां संक्रमण ज़्यादा फ़ैलाने की वजह बनी हैं. और संक्रमण के इतना भयानक हो जाने की वजह बड़े सार्वजनिक आयोजन, कारोबार की जगहों में आवाजाही, भीड़ भाड़ वाले इलाक़ों में लोगों की मौजूदगी और इस तरह की अन्य वजहें बनी हैं. श्यूचैट ने अपने आलेख में लिखा है कि यूरोपीय देशों के साथ यात्रा प्रतिबंध ना लगाए जाने और जांच की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना वायरस के भयानक संक्रमण की वजह बना है. अपने आलेख में श्यूचैट ने ​लिखा है—

''23 जनवरी को जब चीन ने हुबेई प्रांत के वुहान और दूसरे शहरों से यात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया और बाद में 31 जनवरी को अमेरिका ने भी अमेरिकी नागरिकों के अलावा दूसरे किसी भी व्यक्ति के चीन से अमेरिका आने में प्रतिबंध लगा दिया गया था, उसके बाद चीन से आने वाले यात्रियों की संख्या 86% तक गिर कई थी. जनवरी में 5 लाख 5 हज़ार 5 साठ लोग अमेरिका आए थे जबकि जनवरी में महज 70,072 लोग आए। वहीं फ़रवरी में इटली से 1,39,305 लोग आए और उसके अलावा 10 लाख 74 हज़ार लोग दूसरे यूरोपीय देशों से अमेरिका में आए. जहां कोरोनावायरस का प्रकोप काफ़ी तेज़ी से फ़ैलना शुरू हो चुका था।''

आलेख के दूसरे हिस्सों में श्यूचैट बताती हैं कि कैसे अमेरिका में कम्युनिटी स्प्रैड हुआ और पर्याप्त जांचें नहीं होने ने उसे भयानक प्रकोप में बदल दिया. अब तक अमेरिका में 11 लाख से अधिक लोगों को संक्रमण हुआ है और साढ़े 65 हज़ार से ज़्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है.

श्यूचैट ने एसोसिएट प्रेस से बात करते हुए भी अपनी बात दोहराई है उन्होंने कहा कि,

''साफ़ तौर पर, संक्रमण कहां से आयातित हुआ हम यह समझ ही नहीं पाए।''

एसे में अमेरिकी राष्ट्रपति जिस तरह चीन पर वायरस के प्रकोप को लेकर लगातार आरोप लगा रहे हैं, कई विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह आगामी चुनावों के लिए अपनी स्थिति को मजबूत करने की उनकी कूटनीतिक कोशिश है क्योंकि वायरस के प्रकोप को अपने देश में रोकने में उनकी सरकार नाकाम रही है. ऐसे में इसका ठीकरा चीन के उपर फ़ोड़ कर वह जवाबदेही से बचना चाहते हैं और अमेरिका में लोगों में चीन के प्रति आक्रोश का वह यहां लाभ लेना चाहते हैं.


डॉक्टर एने श्यूचैट का पूरा आलेख आप सीडीसी की वेबसाइट पर इस लिंक के ज़रिए पढ़ सकते हैं.