'साल के आख़िर तक बन जाएगी कोरोना वैक्सीन', ट्रम्प के दावे में कितना दम?

राष्ट्रपति ट्रंम्प कोरोनावायरस के टीके को इस साल के अंत तक इजाद कर लेने की बात कर रहे हैं लेकिन अमेरिका के ही स्वास्थ महकमे से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी ट्रम्प की इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है.

- Khidki Desk


अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावी मोड में हैं. अमेरिकी न्यूज़ चैनल फॉक्स् न्यूज़ को उन्होंने एक 2 घंटा लंबा साक्षात्कार दिया है, जिसमें उन्होंने उम्मीद जताई है कि कोरोनावायरस का टीका इस साल के आख़िर तक इजाद कर लिया जाएगा. इस कार्यक्रम को वर्चुअल टाउन हॉल की शक्ल दी गई थी जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति से उनके चुनावी वादों पर सवाल जवाब होते हैं. उन्होंने कहा,

''मुझे लगता है कि हम इस साल के आख़िर तक टीका बनाने में कामयाब हो जाएंगे.... हो सकता है कि डॉक्टर्स यह कहें कि आपको यह नहीं कहना चाहिए. लेकिन मैं वह कहुंगा जो मुझे लगता है.. मुझे लगता है कि हमारे पास जल्द ही टीका होगा.. बजाय कि हमारे पास देर में टीका आएगा।''

राष्ट्रपति ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिका में कोरोनावायरस से मरेने वालों का आंकड़ा एक लाख के पार जा सकता है. इसके लिए वह फिर चीन को क़ुसूरवार ठहराते नज़र आए। उन्होंने कहा..

''हम 70 या 80 हज़ार या एक लाख तक लोगों को खो देंगे. यह बहुत ख़तरनाक़ बात है. हमें इसका 1 प्रतिशत भी नुक़सान नहीं होना चाहिए था. इसे चीन में ही रोक दिया जाना चाहिए था. चीन ने इसे रोकना था.''

अमेरिका में अब तक 67 हज़ार लोगों से अधिक लोक कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आकर मारे जा चुके हैं. जबकि संक्रमित लोगों की तादात 11,89,024 तक जा पहुंची है. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंम्प कोरोनावायरस के टीके को इस साल के अंत तक इजाद कर लेने की बात कर रहे हैं लेकिन अमेरिका के ही स्वास्थ महकमे से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी ट्रम्प की इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है. National Institute of Allergy and Infectious Diseases के प्रमुख Dr Anthony Fauci, जो कि अमेरिका में संक्रामक रोगों के सबसे अनुभवी व्यक्ति हैं और इंग्लैंड के चीफ़ मेडिकल आॅफ़िसर क्रिस व्हीटी भी इस बारे में शंका जता चुके हैं कि वैक्सीन का इतनी जल्दी तैयार हो पाना संभव नहीं है.. जानकारों की राय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हालिया बयान आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर दिए जा रहे हैं. उन्हें लगता है कि अमेरीकी जनता को इस तरह की उम्मीद दिखाकर वह अपनी अपनी उन आलोचनाओं से बच सकते हैं जिनमें कहा जा रहा है कि उन्होंने कोरोनावायरस की गंभीरता को नहीं समझा और जिस वजह से अमेरिका में इतनी तबाही फ़ैली.

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