EU ने लगाया चीन और म्यांमार पर प्रतिबंध

अमेरिका और दूसरी शक्तियां, वैश्विक मंच पर लगातार चीन को अलग थलग करने की कोशिशें कर रही हैं. यूरोपीय यूनियन, अमेरिका और साथ ही दूसरे शक्तिशाली देशों की ओर से चीनी अधिकारियों पर लगाए गए इन प्रतिबंधों को भी उसी सिलसिले में देखा जा रहा है.

- Khidki Desk



यूरोपीय संघ ने एक संकेतात्मक क़दम उठाते हुए चीन के चार अधिकारियों पर वीगर मुसलमानों के उत्पीड़न और म्यांमार के 11 शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर प्रदर्शन कारियों का हिंसक दमन करने के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया है.


बीते लंबे वक़्त से वैश्विक ताक़तें चीन को ज़िनजियांग प्रांत में मुसलमानों के उम्पीड़न और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मसले पर चीन को घेरने की कोशिश कर रही हैं.


यूरोपीय संघ के इस क़दम के बाद ही इसके साथ “coordinated action” बताते हुए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने भी चीन पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन देशों ने कहा है कि वे चीन को इसके ज़रिए ज़िनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं.


अमेरिका और दूसरी शक्तियां, वैश्विक मंच पर लगातार चीन को अलग थलग करने की कोशिशें कर रही हैं. यूरोपीय यूनियन, अमेरिका और साथ ही दूसरे शक्तिशाली देशों की ओर से चीनी अधिकारियों पर लगाए गए इन प्रतिबंधों को भी उसी सिलसिले में देखा जा रहा है.


चीन पर आरोप लगाया गया है कि उसने देश के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र ​ज़िनजियांग में कैंपों में वीगर मुसलमानों को हिरासत में रखा है. आरोप है कि इन कैंपों में बंद लोगों को यातनाएं दी जा रही हैं, उनसे ज़बरदस्ती काम करवाया जा रहा है और यौन उत्पीड़न के आरोप भी सामने आए हैं.

मानवाधिकार समूहों का कहना है कि चीन ने दस लाख से अधिक अल्पसंख्यक वीगर मुसलमानों को कैंपों में हिरासत में रखा हुआ है. चीन की सरकार पर वीगर महिलाओं की ज़बरदस्ती नसबंदी करने और बच्चों को परिजनों से दूर रखने के आरोप भी हैं.


इसके जवाब में चीन ने भी यूरोपीय अधिकारियों पर अपने प्रतिबंधों की घोषणा की है. चीन कैंपों में मानवाधिकार उत्पीड़न के आरोपों को नकारता रहा है. चीन का कहना है कि ये कैंप पुनर्शिक्षा केंद्र हैं जिनका मक़सद आतंकवाद से लड़ना है. चीन ने कहा है कि वह भी यूरोपीय संघ के दस लोगों और चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाएगा. उसका दावा है कि ये लोग और संस्थाएं चीन की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ झूठे प्रचार में लिप्त हैं.


दोनों ही तरफ़ से लागू किए गए प्रतिबंधों में यात्रा और व्यापार पर प्रतिबंध के साथ ही संपत्ति ज़ब्त किया जाना भी शामिल रहेगा.


इन ताज़ा प्रतिबंध से यूरोप और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों में बड़ी दरार आ गई है. चीन और यूरोप बड़े व्यापारिक साझेदार हैं और दोनों के रिश्ते आमतौर पर अच्छे रहे हैं.


उधर यूरोपीय संघ ने म्यांमार में तख़्तापलट करने वाले सैन्य प्रशासन के 11 शीर्ष सैन्य अधिकारियों पर भी प्रदर्शन कारियों का हिंसक दमन करने के आरोप में प्रतिबंध लगा दिया है. म्यांमार में तख़्तालट के बाद से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के ख़िलाफ़ की गई दमनपूर्ण कार्रवाइयों में कम से कम 247 मौतें हो चुकी हैं.