नीलाम हो रहा गांधी का चश्मा

पिछले हफ़्ते सोमवार को दक्षिण पश्चिमी इंग्लैंड में ईस्ट ब्रिस्टल ऑक्शंस के लैटरबॉक्स में सोने की परत चढ़ा यह चश्मा आया था, जिसके साथ एक पत्र नत्थी था जिसमें लिखा था ''यह चश्मा गांधी का है. मुझे कॉल करें.''

- Khidki Desk


भारत की आज़ादी की लड़ाई के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में ​शुमार महात्मा गांधी के एक बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण चश्मे की ब्रिटेन में नीलामी चल रही है. पिछले हफ़्ते सोमवार को दक्षिण पश्चिमी इंग्लैंड में ईस्ट ब्रिस्टल ऑक्शंस के लैटरबॉक्स में सोने की परत चढ़ा यह चश्मा आया था, जिसके साथ एक पत्र नत्थी था जिसमें लिखा था ''यह चश्मा गांधी का है. मुझे कॉल करें.''


ऑक्शनर एंड्र्यू स्वोव ने इस बारे में स्काई न्यूज़ से बात करते हुए बताया, '


'यह चश्मा गांधी की समग्र छवि का एक बेहद अहम हिस्सा रहा है.. यह एक बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण चश्मा है.''

उन्होंने कहा कि जब उन्हें यह चश्मा​ मिला और उन्होंने इसकी तफ़तीस की तो पता चला कि वाकई यह चश्मा एक ऐतिहासिक खोज है.


''मैंने उन सज्जन को फ़ोन किया तो उनका कहना ​था कि अगर यह काम का नहीं तो इसे फ़ैक दें. लेकिन जब मैंने उन्हें बताया कि यह 15 हज़ार पाउंड्स का है तो मुझे लगता है कि वे कुर्सी से तक़रीबन गिर पड़े.''

ऑक्शन हाउस ने कहा है कि इस चश्मे को गांधी ने इस व्य​क्ति के चाचा को यादगार और उपहार स्वरूप दिया था. व्यक्ति के मुताबिक़ यह वाकिया तब का है जब उसके चाचा 1910 से 1930 के बीच दक्षिण अफ़्रीका में एक ब्रिटिश पैट्रोलियम में काम करते थे. भारत में आज़ादी के आंदोलन से जुड़ने से पहले गांधी ने दक्षिण अफ़्रीका में एक वक़ील के तौर पर काम किया था.


इस चश्मे की नीलामी 21 अगस्त को ऑनलाइन की जाएगी. लेकिन इसके लिए लगी बोलियां पहले ही अब तक क़रीब 50 हज़ार डॉलर यानि करीब साढ़े 37 लाख रूपये तक जा चुकी हैं.

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