क्या आपने 'चातक' देखा है?

हममें से बहुत सारे लोगों ने चातक का नाम तो सुना है, पर देखा कितने लोगों ने है?

- Kabir Sanjay


हममें से बहुत सारे लोगों ने यह सुना है कि चातक सिर्फ स्वाती नक्षत्र का पानी पीता है. फिर बाकी साल भर कैसे जीता है. खैर, इस सवाल का जवाब तो बाद में.


पहले, हममें से बहुत सारे लोगों ने चातक का नाम तो सुना है, पर देखा कितने लोगों ने है. तो पहले तो नीचे की तीनों तस्वीरों को गौर से देखिए.

ये चातक पक्षी है. भारतीय जनमानस में बेहद लोकप्रिय है. साहित्य में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाला. कहते हैं कि तुलसीदास ने दोहावली में 35 दोहे केवल चातक को ही समप्रित किये हैं. कालीदास ने अपने मेघदूत में भी इसे स्थान दिया है.


पियु-पियु की इसकी पुकार तमाम साहित्य प्रेमियों को पिया की पुकार करती विरहिन नायिका जैसी लगती है. ये जैकोबिन कुकू (Jacobin Cuckoo) है.


गर्मियों के समय पूर्वी अफ्रीका से प्रवास के लिए आती हैं और अक्तूबर नवंबर तक वापस लौट जाती हैं. इसकी एक-दो उप प्रजातियां भारत के अलग-अग हिस्से में रहती हैं.


संभवतः मानसून के समय ही इस पक्षी की ज्यादा सक्रियता के चलते ऐसी धारणा बनी कि यह पक्षी सिर्फ स्वाति नक्षत्र का पानी पीता है. पक्षी वैज्ञानिकों के अनुसार यह सत्य नहीं है.

लेख के सारे तथ्य और तस्वीरें वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर और नेचुरलिस्ट अरविंद यादव से साभार प्राप्त.

क्या आप लोगों ने इसे कहीं देखा है. मैंने तो सिर्फ तस्वीरों में देखा है.


#junglekatha #जंगलकथा #जंगलमन