टाले गए हॉंग कॉंग के चुनाव

यह फ़ैसला चीन की टॉप लॉमेकर बॉडी, नैश्नल पीपल्स कॉंग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी ने शनिवार से शुरू हुए अपने एक चार दिवसीय सत्र के बाद लिया है.

- Khidki Desk


हांगकांग मे 6 सितंबर को होने वाले लैजिस्लेटिव काउंसिल के चुनावों को चीनी सरकार ने कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए एक साल के लिए स्थगित कर दिया है. साथ ही यह फ़ैसला लिया गया है कि मौजूदा काउंसिल का कार्यकाल अगले एक साल के लिए बढ़ाया जाएगा.


यह फ़ैसला चीन की टॉप लॉमेकर बॉडी, नैश्नल पीपल्स कॉंग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी ने शनिवार से शुरू हुए अपने एक चार दिवसीय सत्र के बाद लिया है. इस सत्र में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या हॉंग कॉंग की मौजूदा लैजिस्लेटिव काउंसिल के कार्यकाल को बढ़ाया जाय या फिर कार्यकाल के बाद पैदा होने वाले संभावित पॉलिटिकल वैक्यूम को भरने के लिए एक नई ट्रांज़िश्नल बॉडी को नियुक्त किया जाए. मौजूदा काउंसिल का कार्यकाल 30 सितंबर को ख़त्म हो रहा है.


मंगलवार को इस बैठक के बाद चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने बताया है कि कमेटी ने यह फ़ैसला लिया है कि मौजूदा लैजिस्लेटिव काउंसिल ही अगले एक साल और अपने दायित्वों पर बरक़रार रहेगी. यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक नई काउंसिल ​गठित नहीं कर ली जाती.

पिछले महीने हांगकांग में विवादित नए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के लागू किए जाने के बाद हांगकांग के इन चुनावों को क़ाफ़ी महत्वपूर्ण माना जा रहा था. हॉंग कॉंग में चीन का विरोध करने वाले गुटों ने आरोप लगाया है कि चीन कोरोनावायरस का बहाना बनाकर हॉंगकॉंग के चुनावों को टाल रहा है. उनका आरोप है कि चीन को डर है कि यह चुनाव हॉंग कॉंग के लिए लाए गए उसके राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक रेफ़रेंडम की तरह हो सकते हैं. विपक्ष नेताओं ने चीन के इस फ़ैसले का विरोध किया है और चुनाओं को जल्द से जल्द कराने की मांग भी की है.

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