Hydroxychloroquine है कोरोना के इलाज में नाकाम : अमेरिकी शोध

ना सिर्फ़ ट्रंप बल्कि कोरोना महामारी का नया एपीसेंटर बन रहे ब्राज़ील के स्वास्थ मंत्रालय ने भी पिछले दिनों एक नई गाइडलाइन जारी कर डॉक्टरों को इन दवाओं के इस्तेमाल की सलाह दी है|

-Khidki desk


मेडिकल जर्नल द लैंसेट में शुक्रवार को छपे एक नए अध्ययन में पाया गया है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों में मौत का ख़तरा बढ़ सकता है.


इस अध्ययन में 96 हज़ार लोगों को शामिल किया गया जो कोरोना से पीड़ित चल रहे थे. लैंसेट के शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि इस दवा के इस्तेमाल से बचना चाहिए.


उन्होंने यह भी कहा कि इस दवा से कोई संभावित फायदा उन्हें अपने अध्ययन में नज़र नहीं आया.


आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इस दवा के पैरोकार रहे हैं. पिछले दिनों एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा भी था कि कोरोना से बचने के लिए वह ख़ुद इस दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं.


ना सिर्फ़ ट्रंप बल्कि कोरोना महामारी का नया एपीसेंटर बन रहे ब्राज़ील के स्वास्थ मंत्रालय ने भी पिछले दिनों एक नई गाइडलाइन जारी कर डॉक्टरों को इन दवाओं इस्तेमाल की सलाह दी है.


ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने दबाव बनाया है कि कोरोना के शुरूआती संक्रमण में आने वाले लोगों पर भी इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाए. नए दिशानिर्देशों में स्वास्थ मंत्रालय ने डॉक्टरों को इन दवाओं के साथ ही एंटीबायोब्कि एज़िथ्रोमाइसिन के इस्तेमाल की भी सलाह दी है.


ब्राज़ील में मरीज़ को इलाज से पहले एक दस्तावेज़ में हस्ताक्षर करने होंगे जिसमें चेतावनी लिखी होगी कि इन दवाओं के इस्तेमाल से होने वाले संभावित साइड इफ़ैक्ट्स, जिनमें कि हार्ट और लिवर का काम करना बंद करने, रेटीना को नुकसान होने और यहां तक कि मृत्यु हो जाने, जैसे ख़तरों की ज़िम्मेदारी ख़ुद मरीज़ की होगी

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