बाइडेन की पहली प्रेस कॉंफ़्रेंस में उठे अहम सवाल

20 जनवरी को अपने कार्यकाल की शुरुआत के बाद राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉंफ्रेंस की है. इस प्रेस कॉंफ्रेंस में पत्रकारों ने बाइडेन से, अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर प्रवासियों, गन कंट्रोल, चीन और रूस के साथ संबंधों और अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जैसे मौजूदा दौर के ज्वलंत मुद्दों पर सावल पूछे.

- Khidki Desk



अपने कार्यकाल के शुरुआती 50 दिनों तक आधिकारिक प्रेस कॉंफ्रेंस ना करने से जुड़ी आलोचनाओं के बीच राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉंफ्रेंस की.


इस दौरान पत्रकारों के कई ज्वलंत सवालों के जवाब दिए. प्रेस कॉंफ्रेंस में सबसे अधिक ज़ोर मैक्सीको सीमा में तेज़ी से बढ़ रही प्रवासियों की आमद से जुड़े सवालों पर था. बाइडेन ने इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की नीतियों को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका में पहले भी ठंडे मौसम में दक्षिणी बॉर्डर से प्रवासियों के आमद में उभार का सिलसिला हर साल होता रहा है.


उन्होंने इन प्रवासियों के देशों के हालात को भी ज़िम्मेदार ठहराया जहां से, प्राकृतिक आपदाओं, अपराधों या ग़रीबी के चलते इन लोगों को भागना पड़ता है. ट्रम्प ने कहा, ''इस मामले में सच्चाई यह है कि कुछ भी बदला नहीं है, इन प्रवासियों के आने की वजह यह है कि रेगिस्तानी इलाक़ों की गर्मी में मौत से बचने के लिए ये प्रवसी इस वक्त यात्राएं करते हैं.''


अब तक अमेरिका पहुंचे प्रवासियों के साथ 17 हज़ार से ज़्यादा बच्चों को सरकारी डिटेंशन सेंटर्स में रखा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान पूछा गया था कि क्या उनकी नीतियों के चलते बच्चों के पहुंचने की तादात में और इजाफ़ा होगा?

दक्षिणी सीमा से अमेरिका में दाखिल होने वाले प्रवासियों की संख्या इस साल जनवरी में 78,442 और फ़रवरी में 100,441 की रही. यह आकड़ा पिछले साल की तुलना में काफ़ी अधिक था.


इस प्रेस कॉंफ्रेंस में, ​इसके अलावा अमेरिका में बढ़ रहे अपराधों को रोकने के सिलसिले में बंदूकों पर प्रतिबंध, अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, रूस और चीन के साथ अमेरिकी संबंधों जैसे कई मसलों पर भी सवाल पूछे गए.


अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के लिए 1 मई की तारीख़ तय की गई है और इसे लेकर सभी पक्षों की बातचीत भी जारी है लेकिन संकेत दिए जा रहे हैं कि यह तारीख़ टाली जा सकती है. इस प्रेस कॉंफ्रेंस में भी जो बाइडेन ने कहा है इस तारीख़ तक अफ़ग़ानिस्तान से सेना की वापसी करना काफ़ी चुनौती पूर्ण है. हालांकि उन्होंने पहले भी कहा था कि अगर यह तारीख़ टाली जाती है तो वह कम ही समय के लिए टाली जाएगी.

ट्रम्प ने इस प्रेस कॉंफ्रेंस की शुरुआत कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ अपनी सरकार के क़दमों की जानकारियां देते हुए की थी. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य पहले 100 दिनों में 20 करोड़ लोगों का ​टीकाकरण करने का है. उन्होंने कहा कि यह योजना महत्वाकांक्षी ज़रूर है लेकिन इस लक्ष्य को पाया जा सकता है.


अमेरिका में अब तक 13 करोड़ वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी हैं और अधिकारियों का कहना है कि हर रोज़ 25 लाख लोगों को डोज़ दी जा रही है.


आश्चर्य की बात यह रही कि प्रेस कॉंफ्रेंस के दौरान कोरोनावायरस से जुड़ा कोई भी सवाल किसी पत्रकार ने बाइडेन से नहीं पूछा. ऐसे में कई पत्रकार बिरादरी के ही कई लोगों ने प्रेस कॉंफ्रेंस में मौजूद पत्रकारों पर सवाल उठाया है और कहा है कि यह दर्शाता है कि पत्रकार आम लोगों की सबसे बड़ी समस्याओं से कितने अनजान हैं.