ज़िम्बाब्वे में मलेरिया का प्रकोप : International Bulletin

Updated: Apr 27

आज है 26 अप्रैल, दिन रविवार, पेश है खिड़की इंटरनेश्नल बुलेटिन. यहां हर रोज़ हम आपके लिए लेकर आते हैं दुनिया भर की अहम ख़बरें.

-Khidki Desk



कोरोना संकट के बीच मलेरिया से जूझता ज़िम्बाब्वे

जहां सारी ​दुनिया कोरोनावायरस के प्रकोप और आशंकाओं से जूझ रही है अफ़्रीकी देश ​ज़िम्बाब्वे में मलेरिया का प्रकोप उभर कर सामने आया है. अब तक 131 लोग मलेरिया की चपेट में आकर मारे गए हैं और वहां का स्वास्थ तंत्र मलेरिया के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए है. डब्लूएचओ ने कहा है कि वह मलेरिया के ख़िलाफ़ अपनी मुहीम को धीमा नहीं कर सकता बावजूद इसके कि अफ़्रीकी देशों में कोरोनावायरस की महामारी के बारे में भयंकर आशंकाएं जारी हैं. हर साल ज़िम्वाब्वे में मलेरिया के चलते सबसे अधिक जानें जाती हैं.


'दुबारा नहीं होगा कोरोना, ऐसा कोई प्रमाण नहीं'

विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार दुनिया भर की सरकारों को कोरोना महामारी की गंभीरता को लेकर चेतावनी दे रहा है। इस क्रम में संगठन ने कहा है कि इस बात को कोई प्रमाण नहीं है कि जो लोग इस वायरस के संक्रमण से ठीक हो गए हैं, उन्हें यह दोबारा नहीं होगा। इस बीच विश्व स्वास्थ संगठन ने एक ट्वीट कर उन देशों को ख़बरदार किया है जो कि संक्रमण से ठीक हो गए लोगों को इम्युनिटी पासपोर्ट देने के बारे में विचार कर रहे हैं. संगठन ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि जो लोग यह समझ रहे हैं कि उनके शरीर ने इस वायरस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है, वे असावधान हो जाएंगे और इस तरह से यह संक्रमण और बढ़ेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार दुनिया भर की सरकारों को कोरोना महामारी की गंभीरता को लेकर चेतावनी दे रहा है। पिछले हफ़्ते चिली सरकार संक्रमण से ठीक हो गए लोगों को हेल्थ पासपोर्ट देने की बात कह चुकी है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे कोई प्रमाण नहीं है जिनसे कहा जा सके कि लोगों में इस वायरस का एंटी बॉडी विकसित हो गया है और वह भविष्य में संक्रमण सुरक्षित हैं। लॉकडाउन के नकारात्म प्रभावों से जूझ रहे देशों में धीमे धीमे इसे खोलने को लेकर बहस जारी है जिसके चलते कोरोना से जूझ रहे संगठनों की चिंता गहराई हुई है. इधर कोविड 19 के लिए प्रभावी टीके को जल्द से जल्द बनाए जाने के प्रयासों में तेज़ी लाने के ​मक़सद से दुनिया भर के देश संयुक्तराष्ट्र की पहल में साथ आए हैं और उम्मीद की जा रही है कि इस टीके को कम से कम समय में इजाद कर लिया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कोरोना वायरस के प्रकोप को केवल टीके से ही रोका जा सकता है.


यमन के दक्षिणी हिस्से में अलगाववादियों का क़ब्ज़ा

महत्वपूर्ण घटनाक्रम में यमन के दक्षिण हिस्सों के अलगाववादियों ने अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त सरकार के साथ अपना शांति समझौता ख़त्म करते हुए यमन के दक्षिणी हिस्सों पर कब्ज़ा करने का दावा किया है। अलगाववादी समूह ‘सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’ ने एक बयान में यह दावा करते हुए कहा कि दक्षिणी प्रांतों और सामरिक दृष्टि से अहम माने जाने वाले बंदरगाह शहर अदन पर अब उनका शासन होगा। वहीं यमन सरकार ने कहा कि अलगाववादियों के इस कदम के भयानक नतीजे होंगे। यमन के विदेश मंत्री मोहम्मद अब्दुल्ला अल-हरदामी ने सऊदी अरब से इस स्थिति पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहते हुए अलगाववादियों के इस विद्रोह के ख़िलाफ़ कदम उठाने की मांग की। बता दें कि यमन सरकार को सऊदी अरब का समर्थन हासिल है जबकि अलगाववादी समूह को संयुक्त अरब अमीरात समर्थन मिला हुआ है। यह भी ग़ौर करने वाली बात है कि यमन में ईरान समर्थित शिया हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ ‘सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’और यमन सरकार ने सऊदी अरब के नेतृत्व में मिलकर लड़ाई लड़ी थी। लेकिन अब काउंसिल ने यमन सरकार पर भ्र्ष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाकर यमन को गृह युद्ध के कगार पर ला खड़ा किया है।

ऑस्ट्रेलिया ने की विवादास्पद ऐप लॉंच

उधर ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कोरोना संक्रमण की पहचान करने के लिए एक ऐसे विवादास्पद एप को लांच किया है जिसे नागरिक अधिकार समूहों ने लोगों की निजता पर हमला कहा है। सरकार इस एप को लांच करने के साथ ही निजता से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करने भी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री ग्रेग हंट ने कहा कि अभी देश ने इस महामारी पर पूरी तरह विजय नहीं हासिल की है। माना जा रहा है कि सरकार हालातों को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। ये एप सिंगापुर के ट्रेस टुगेदर सॉफ्टवेयर पर आधारित है जो ब्लूटूथ सिग्नलों के जरिए दो लोगों के संपर्क में आने की जानकारी देगा।

'वुहान में अब नहीं कोई कोरोना संक्रमित'

चीन ने कहा कि वुहान शहर में अब कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी व्यक्ति नहीं है और सभी को अब अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के प्रवक्ता मी फेंग ने बताया कि 26 अप्रैल तक वुहान शहर में कोरोना संक्रमण का एक भी मरीज़ नहीं है। दरसअल, चीन के वुहान शहर से ही कोरोना संक्रमण फ़ैलने की शुरुआत हुई थी और चीन में कोरोना संक्रमण के 50 फीसदी से अधिक मामले इसी शहर से थे।

अल्ज़ीरिया में लॉकडाउन में रियायत

अफ़्रीकी देशों के बारे में विश्व संगठन लगातार चेतावनी जारी कर रहे हैं कि वहां स्वास्थ सुविधाओं की कमी के चलते कोरोना वायरस का प्रकोप भयानक हो सकता है लेकिन उन चेतावनियों के परे अल्ज़ीरिया ने लॉकडाउन में रियायत देते हुए कुछ व्यापारिक गतिविधियों को इजाज़त देने का फ़ैसला लिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय से आए एक बयान में कहा गया है ऐसा महामारी के चलते हुए आर्थिक और सामाजिक नुकसान को कम करने के लिए किया गया है. इस आदेश के बाद अल्ज़ीरिया में, भवन निर्माण सामग्री, राशन, फ़र्नीचर, कपड़ों, गहनों, जूतों और कॉस्मेटिक्स आदि की दुकानें खुली रहेंगी और शहरी यातायात भी सुचारू रहेगा। अब तक अल्ज़ीरिया में कोरोना संक्रमण के 3,256 मामले सामने आए हैं और 419 लोगों की मौत हुई है.

कोरोना संक्रमण

दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों का आंकड़ा दो लाख के पार जा पुहंचा है. वर्ल्डोमीटर्स डॉट इन्फ़ों की वेबसाइट के मुताबिक़ अब तक कुल मौतें 2,03,796 दर्ज की गई हैं. संक्रमित हुए लोगों की तादात 2,938,294 पहुंच गई है. जिनमें से 841,446 लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका है. अमेरिका जहां सबसे अधिक संक्रमण और मौतों के मामले सामने आए हैं वहां के आंकड़ों पर नज़र डालें तो 960,896 लोग संक्रमित हैं और 54,265 लोगों की मौत हुई है.

यहां बताए गए सारे आंकड़े वल्डोमीटर www.worldometers.info से लिए गए हैं.

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