नया शीत युद्ध ले रहा है आकार?

कोरोना महामारी और हॉंगकॉंग पर, चीन और अमेरिका की तक़रार, क्या दे रही है 'नए शीत युद्ध' को आकार?

- अभिनव श्रीवास्तव



हॉंग कॉंग में बीते कुछ दिनों से अफरा-तफ़री और अराजकता का जो माहौल बना है और उसकी अंदाजा ट्विटर पर रविवार को लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई टकराहट और नोक-झोंक के आए सैकड़ों वीडियोज से चलता है. जहां एक तरफ़ इन वीडियोज में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी ख़ुद से असहमत लोगों पर हिंसक हमले करते हुए नज़र आ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस छोड़ने की ख़बरें पहले ही सुर्ख़ियों में है.


हॉंग कॉंग में ये अप्रत्याशित हालात बीते शुक्रवार को चीन द्वारा प्रस्तावित हॉंग कॉंग के लिए लाए गए नए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के बाद बने हैं. रविवार को इस कानून के विरोध में लोग बैनर-पोस्टर लेकर हज़ारों लोग सड़कों पर उतर आए और उनके और पुलिस के बीच टकराव से अभूतपूर्व हंगामे और अव्यवस्था का मंज़र दिखा। हॉंग कॉंग की सड़कों पर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान ही एक प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एक प्रदर्शनकारी को कहते हुए सुना गया:


''तुम हम हॉंग कॉंग के लोगों को कॉकरोच कहते हो ठीक यही हिटलर भी यहूदियों को उनके जनसंहार से पहले कहा करता था. तुम लोग एक दूसरे हॉलोकास्ट की तैयारी कर रहे हो. यह नरसंहार है. मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने क्या कहा था? 'अन्याय, कहीं भी हो रहा हो, वह हर जगह न्याय के लिए ख़तरा है.' आपके पास एक मौक़ा था पूरी दुनिया को दिखा देने का कि चीन कितना सभ्य हो सकता है. लेकिन आप जानते हैं.. आप पूरी तरह नाक़ाम हो गए हैं. हमें आज़ादी चाहिए . आज़ादी ही वो चीज़ है जो हम पा कर रहेंगे.''

वहीं हॉंग कॉंग में चल रहे इस घटनाक्रम ने, विश्व राजनीति में भी गहरे कहीं एक हलचल पैदा कर दी है जिसमें नई शीत युद्ध की सुनामी के संकेत दिखाई देने गले हैं. रविवार को ही अमेरिका ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चीन को प्रतिबंध झेलने के लिए तैयार रहने को कहा. व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि हॉन्ग कॉन्ग में इस तरह का क़ानून लाने की स्थिति में चीन को भारी प्रतिबंध झेलने पड़ेंगे. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव माइक पॉमपियो ने भी चेताया कि यह हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्तता की मौत की घोषणा जैसा है.


अमेरिका की इस प्रतिक्रिया पर चीन ने पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका चीन के प्रति एक राजनीतिक वायरस से ग्रस्त है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने जोड़ा कि कुछ ताकतें अमेरिका और चीन के रिश्तों को नए शीत युद्ध की तरफ़ धकेल रही हैं.


कोरोना महामारी के बीच अमेरिका और चीन के ख़ेमों में बंट रही दुनिया के लिए महाशक्तियों के बीच चल रही इस बयानबाजी के गहरे निहितार्थ हैं. बीते कई दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कोरोना संक्रमण के लिए चीन को जिम्मेदार बताने का अभियान छेड़ा हुआ है. वहीं चीन बार-बार ट्रम्प के इन बयानों को उनकी ख़ुद की नाकामी से ध्यान हटाने की कोशिश कह रहा है.


हॉंग कॉंग में चल रहे मौजूदा तनाव पर भी चीन बार-बार विश्व समुदाय से दख़ल नहीं करने की अपील कर रहा है. उसका मानना है कि हॉंग कॉंग मसले पर गैर-कानूनी रूप से अत्यधिक विदेशी दखलंदाजी के कारण चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो गया है. विदेश मंत्री मंत्री वांग यी इसी वज़ह से इसे चीन का आंतरिक मामला बता रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस क़ानून से हॉन्ग कॉन्ग की स्वायत्तता को कोई ख़तरा नहीं है:

''नैश्नल पीपल्स कॉंग्रेस का निर्णय एक छोटे से तबके की गतिविधियों को क़ाबू में करने के लिए है जो कि देश की सुरक्षा के लिए गम्भीर ख़तरा बन गया है. यह क़ानून हॉंगकॉंग की उच्च स्तर की स्वायत्तता को, हॉंगकॉंग के रहवासियों की आज़ादी को या विदेशी निवेशकों को किसी भी तरह नहीं प्रभावित करेगा.''

ज़ाहिर है कि इस प्रस्तावित क़ानून पर दुनिया की दो बड़ी ताकतों चीन और अमेरिका के बीच कोरोना महामारी के बाद खिंची लकीरें और स्पष्ट होती हुई दिखाई दे रही हैं. दोनों देशों के बीच साल भर से ज्यादा वक्त से ट्रेड वॉर को लेकर पहले ही अस्थिरता बनी हुई थी. यह तनाव कोरोना महामारी के संक्रमण को लेकर चले आरोप-प्रत्यारोप से और गहराया और अब हॉंग कॉंग के मामले ने जैसे ताबूत में आख़िरी कील ठोक दी है.

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