जापान में बाढ़ का कहर


रक्षा बल, तट रक्षक और दमकल विभाग के 40,000 से अधिक कर्मी बचाव कार्य में जुटे हैं। कुमा नदी से लगने वाले इलाके का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया है।

khidki desk


दक्षिणी जापान में बाढ़ और जमीन धंसने की घटनाओं में रविवार को कम से कम 34 लोग या तो मारे गये हें अथवा उनकी मौत की आशंका है। वहीं कई अब भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।


कुमामोटो से कई लोगों को हेलीकॉप्टर और नौकाओं के जरिए बाहर निकाला गया है। रक्षा बल, तट रक्षक और दमकल विभाग के 40,000 से अधिक कर्मी बचाव कार्य में जुटे हैं। कुमा नदी से लगने वाले इलाके का बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया है।


कुमा के एक वृद्ध आश्रम में 14 लोगों के मारे जाने की आशंका है। शनिवार को वहां बचाव अभियान शुरू किया गया था, जो रविवार को भी जारी रहा। बाढ़ और जमीन धंसने के कारण सेंजुएन देखभाल केन्द्र में रहने वाले करीब 65 लोग और उनकी देखभाल करने वाले 30 व्यक्ति वहां फंस गये थे।


इसके बाद वहां फंसे रह गये शेष 51 लोगों को रविवार को बचा लिया गया। स्थानीय 'राफ्टिंग कम्पनी के संचालक शीगेमिस्तो ने सरकारी प्रसारक 'एनएचके को बताया कि कुल 18 लोग मारे गए हैं जबकि 16 लोगों के मारे जाने की आशंका है। वहीं रविवार दोपहर तक अन्य 14 लापता थे। दमकल एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार कई लोग अब भी बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे हैं और मदद का इंतजार कर रहे हैं।