फ्लॉयड के न्याय की बिलखती गुहार

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लॉयड की मौत के बाद बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को हिंसक और कट्टरपंथी बताते हुए अमेरिकी राज्यों में सेना भेजने की बात कही थी. अपने ही देश के नागरिकों के ख़िलाफ़ सेना के इस्तेमाल के उनके इस बयान की क़ाफ़ी आलोचना हुई थी. पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने भी कड़े शब्दों में ट्रम्प के इस बयान की आलोचना की है.

-Khidki desk




अमेरिका ने काले व्यक्ति ज्यॉर्ज फ्लॉइड की मौत के बाद उनकी पत्नी रॉक्सी वॉशिंग्टन, अपनी बेटी जिआना के साथ अदालत के सामने बयान देते हुए बिलख़ने लगी. उन्होंने कहा—

''हर कोई जानता है कि उन आॅफ़िसर्स ने हमसे क्या छीन लिया. दिन के आख़िर में वे भी अपने घर जाते होंगे, अपने परिवार के पास. लेकिन जिआना के पास, ज्यॉर्ज की बेटी के पास अब उसके पिता नहीं हैं. अब वह इसे बड़ा होता नहीं देख पाएंगे. इसे ग्रेजुएट होते हुए नहीं देख पाएंगे. वे इसे घुमाने नीचे गलियारे में नहीं लेकर जा पाएंगे. अगर इसे कभी कोई परेशानी आएगी और इसे अपने पिता की ज़रूरत होगी तो अब वह इसके पास नहीं होंगे. मैं यहां अपनी बच्ची के लिए आई हूं, ज्यॉर्ज के लिए आई हूं. मुझे उसके लिए न्याय चाहिए. क्योंकि वह अच्छा आदमी था. इस बात से मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि कोई और उसके लिए क्या सोचता हो पर वह एक अच्छा आदमी था. और यही सबूत है कि वह एक अच्छा आदमी था. ''

मिनेसोटा में ज्यॉर्ज फ्लॉइड की हत्या के बाद से अमेरिका में नस्लभेद के ख़िलाफ़ एक ऐतिहासिक आंदोलन उभार पर है.


इस बीच मिनेसोटा के अटार्नी जनरल कीथ एलिसन ने आरोपी पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन के ख़िलाफ़ सेकंड डिग्री मर्डर का केस दर्ज किया है. इसके अलावा घटना के वक़्त वहां मौजूद 3 और पुलिस कर्मी थॉमस लेन, जे एलेक्सेंडर और टाउ थाओ, पर भी अदालत ने हत्या में मदद करने और उक़सावा देने के आरोप लगाए हैं. हत्या के आरोपी इन गोरे पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ नई धाराओं को लगाते हुए अटार्नी जनरल कीथ एलिसन ने इन्हें न्यायसंगत बताया है. उन्होंने कहा—

'' ज्यॉर्ज फ्लॉइड मायने रखता है. उसे प्यार किया गया. उसका परिवार महत्वपूर्ण है. और उसकी ज़िंदगी कीमती थी. हम लोग उसके लिए और आपके लिए न्याय तलाश रहे हैं. और हमें न्याय मिलेगा. हमने इन आरोपों को लगाया है क्योंकि इसका मतलब है कि हम इस पर यक़ीन करते हैं. ''

इधर फ़्लॉयड के परिवार के वकील बेन्यामिन क्रंप ने एक बयान में कहा है —

'ये नयी धाराएँ जो हत्या करने वाले गोरे पुलिसकर्मियों पर लगाई गई हैं, न्याय के मार्ग में एक अहम क़दम है और हम शुक्रगुज़ार हैं कि फ़्लॉयड के अंतिम संस्कार से पहले ही अहम एक्शन लिया जा रहा है.'


मिनेसोटा के क़ानून के मुताबिक़ आमतौर पर सोच समझकर की गई हत्या के लिए फ़र्स्ट डिग्री मर्डर की धारा लगाई जाती है, जबकि जज़्बात में या ग़ुस्से में की गई हत्या के लिए सेकंड डिग्री का चार्ज लगता है. अब गोरे पुलिसकर्मी डेरेक शॉविन पर यही सेकंड डिग्री के चार्ज लगाये गये हैं. इन सभी आरोपों को साबित करने के किये सबूत भी पेश करने होते हैं कि हत्यारे का इरादा हत्या करने का ही था.


इससे पहले शाविन पर केवल थर्ड डिग्री मर्डर का चार्ज था जो कि अब भी बरक़रार है. इसमें दोषी क़रार दिए जाने के लिए इस बात का सबूत नहीं देना होता है कि अभियुक्त चाहता था कि पीड़ित मर जाए. बल्कि यह साबित करना होता है कि अभियुक्त ने जो किया वो ख़तरनाक था और उसके मन में मानव जीवन के लिए कोई परवाह नहीं थी.


हांलांकि फ्लॉयड के हत्या के आरोपी डेरेक शॉविन पर अब थर्ड डिग्री और सेकंड डिग्री दोनों ही चार्ज लगायें गए हैं. जिससे यह तो तय है कि शॉविन को सज़ा होगी. बता दें कि थर्ड डिग्री मर्डर के दोषी क़रार अभियुक्त को 25 साल तक क़ैद की सज़ा और सेकंड डिग्री मर्डर के दोषी अभियुक्त को 40 साल तक की सज़ा का प्रावधान है.


इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्लॉयड की मौत के बाद बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को हिंसक और कट्टरपंथी बताते हुए अमेरिकी राज्यों में सेना भेजने की बात कही थी. अपने ही देश के नागरिकों के ख़िलाफ़ सेना के इस्तेमाल के उनके इस बयान की क़ाफ़ी आलोचना हुई थी. पूर्व रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने भी कड़े शब्दों में ट्रम्प के इस बयान की आलोचना की है.


इधर अब अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने ट्रम्प के उस बयान से ख़ुद को अलग किया है और कहा है इस तरह के हालात में सेना का इस्तेमाल बिल्कुल ठीक नहीं है, उन्होंने कहा कि अमेरिका में स्थिति को सम्हालने के लिए नैश्नल गार्ड काफ़ी है.


कई दशकों से अमेरिका में होने वाले इस नस्लीय भेदभाव का, अमेरिकी नागरिकों और वहां के सेलिब्रिटीज़ ने साथ मिलकर जो विरोध किया है, ये अमेरिका ही नही बल्कि पूरी दुनिया के समाजों को लोकतंत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ाने के लिए कारगर साबित होता दिख रहा है.

SUPPORT US TO MAKE PRO-PEOPLE MEDIA WITH PEOPLE FUNDING.

Subscribe to Our Newsletter

© Sabhaar Media Foundation

  • White Facebook Icon

Nainital, India