इसराएल में बनी लेफ्ट राइट सरकार

इसराएल में नई सरकार ने शपथ ले ली है. तीन तीन भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप झेल रहे बेन्जामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और इस सरकार को बनाने में उन्हें उनके घनघोर विरोधी रहे ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के बेनी गांत्ज़ का समर्थन है.

- Khidki Desk


इसराएल के इतिहास के सबसे लंबे राजनीतिक गति​रोध पर रविवार को वीराम लग गया जैसे ही इसराएल की संसद ने, पांचवी बार प्रधानमंत्री बने बेन्जामिन नेतन्याहू को रविवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. शपथग्रहण का यह समारोह पहले गुरुवार को प्रस्तावित था लेकिन आख़िरी क्षणों में इसे रविवार के लिए टाल दिया गया था. इस नई सरकार की ख़ास बात यह है कि इस सरकार को विचारधारात्मक रूप से दो विपक्षी पाले में खड़ी पार्टियां चलाएंगी. जहां सरकार के मुखिया तो दक्षिणपंथी रुझान वाली लिकुड पार्टी के बेन्जामिन नेतन्याहू होंगे लेकिन सरकार की चाबी वामपंथी रुझान वाली ब्लू एंड व्हाइट पार्टी के मुखिया बेनी गांत्ज के हाथों में होगी जो कि पूर्व में इसराएली सेना के Chief of General Staff रह चुके हैं. एक समय में बेन्जामिन नेतन्याहू के धुर विरोध बेनी गांत्ज उन्हें किसी भी क़ीमत पर समर्थन देने को तैयार नहीं थे. पिछले तक़रीबन 500 दिनों से अधिक समय से लगातार तीन चुनावों में निर्णायक ​परिणाम नहीं आने के बाद, एक स्थाई सरकार की बाट जोह रही 120 सीटों वाली इसराएली संसद कनेसेट को आख़िरकार इन दोनों पार्टियों के गठबंधन से 73 सीटों वाली एक सरकार मिल पाई है. इसराएल की संसद ने बीते हफ़्ते दो मूल क़ानूनों में संशोधनों को पास किया था जिसके बाद इस तरह की गठबंधन सरकार बनाने में कोई क़ानूनी अड़चन नहीं रह गई थी. बीती 7 मई को ही देश की सुप्रीम कोर्ट ने नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के आरोप के चलते प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित करने संबंधी याचिका ख़ारिज कर दी थी। इन दोनों ही घटनाओं के बाद उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया था. इसराएल की नई सरकार पर जहां एक तर​फ़ ख़ुद की लेफ्ट राइट संरचना में संतुलन बनाने की चुनौती है वहीं दुनिया भर में फ़ैले कोरोना वायरस का प्रकोप भी उसके​ लिए एक चुनौती होगा जिसने स्वास्थ के साथ ही आर्थिक मोर्चे पर भी भारी नुकसान पहुंचाया है. इधर ​फ़लस्तीन के साथ वेस्ट बैंक पर इसराएल के क़ब्ज़े की ज़मीन को लेकर भी विवाद काफ़ी बढ़ा हुआ है. इधर जॉर्डन ने भी इसराएल को चेतावनी दी है कि अगर वह अवैध कब्ज़े वाली वेस्ट बैंक का विलय करता है तो बड़े पैमाने पर संघर्ष छिड़ सकता है।

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