'एक्टिविस्ट के लैपटॉप में प्लांट किए गए थे लेटर्स' : अमेरिकी डिज़िटल फ़ॉरेंसिक फ़र्म

फ़र्म का दावा है कि किसी हैकर इनमें से एक्टिविस्ट रोना विल्सन के लैपटॉप में एक मालवेयर के ज़रिए दाख़िल हुआ और वहां कम से कम 10 ऐसे पत्रों को प्लांट किया जिनके आधार पर इन एक्टिविस्ट पर राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया है.

- Khidki Desk


Representative Image

अमेरिकी मीडिया संस्थान वॉशिंग्टन पोस्ट और दि वायर जैसी कुछ वेबसाइट ने एक महत्वपूर्ण ख़बर छापी है.


भीमाकोरेगांव में एक प्रदर्शन से जुड़े भारत के कुछ एक्टिविस्ट्स पर, जिन पर भारत सरकार का तख़्तापलट कर देने की साजिश रचने के आरोप हैं और राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज है, एक अमेरिकी डिज़िटल फ़ॉरेंसिक फ़र्म Arsenal Consulting, ने दावा किया है कि उन पर इन आरोपों से जुड़े जो सबसे अहम सबूत हैं उन्हें आरोपियों के लैपटॉप पर ​एक मालवेयर के ज़रिए प्लांट किया गया था.


इस लैपटॉप को पुलिस ने सीज़ कर दिया था.


इस कंसल्टिंग फ़र्म का दावा है कि किसी हैकर ने इनमें से एक्टिविस्ट रोना विल्सन के लैपटॉप में एक मालवेयर के ज़रिए दाख़िल हुआ और वहां कम से कम 10 ऐसे पत्रों को प्लांट किया जिनके आधार पर इन एक्टिविस्ट पर राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया गया है.


कई एक्टिविस्ट्स इस मामले में अब तक जेल में हैं.


एक और ख़बर है जिसे दि हिंदू ने प्रकाशित किया है.


केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्यसभा में प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा है कि 2019 में देश भर में राजद्रोह के कुल 93 मामले दर्ज किए गए हैं. जिनमें से 76 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की गई है. और 29 लोगों को कोर्ट ने आरोपों को ख़ारिज़ कर छोड़ दिया. इनमें से सबसे अधिक 22 मामले कर्नाटक राज्य में दर्ज हुए हैं और.. वहां 18 लोगों की ग़िरफ़्तारी हुई है. 17 केसेज़ असाम में दर्ज हुए जहां इस मामले में 23 ग़िरफ़्तारी हुई थी और 11 केस जम्मू कश्मीर में दर्ज हुए, 10 केस उत्तरप्रदेश में भी दर्ज हुए हैं.


रेड्डी ने एक दूसरे प्रश्न का जवाब देते हुए यह भी कहा है कि राजद्रोह के क़ानूनों को और मज़बूत बनाने के लिए 'क़ानून में संशोधन की प्रक्रिया जारी है.''