अमेरिका में पढ़ाए जाएंगे गांधी और लूथर किंग के विचार

गांधी-किंग एक्सचेंज एक्ट अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति में पारित. भारतीय-अमेरिकी सांसद एमी बेरा ने अनुमोदित किया विधेयक
khidki desk

अमेरिका की संसदीय समिति ने महात्मा गांधी को लेकर बुधवार को एक विधेयक पारित किया है. इसके तहत अमेरिका में युवाओं को महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के विचार पढ़ाए जाएंगे. भारतीय-अमेरिकी सांसद एमी बेरा द्वारा अनुमोदित गांधी-किंग एक्सचेंज एक्ट को संसद की विदेश मामलों की समिति ने पारित किया.


यह विधेयक, नागरिक अधिकारों के पैरोकार पूर्व अमेरिकी सांसद जॉन लेविस द्वारा लिखा गया है. इसमें महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर के कार्यों और विरासतों का अध्ययन करने के लिए अमेरिका तथा भारत के बीच आदान-प्रदान की पहल करने का प्रावधान है.


इस विधेयक से अमेरिका के विदेश विभाग को भारत सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के शोधार्थियों के लिए वार्षिक शैक्षिक मंच स्थापित करने का अधिकार मिल जाएगा. यह शैक्षिक मंच मोहनदास करमचंद गांधी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की विरासतों पर केंद्रित होगा.


बेरा ने कहा, जॉन लेविस न केवल अमेरिका बल्कि दुनियाभर में नागरिक अधिकारों के नायक थे. वह सभी के लिए मानवाधिकार, समानता, न्याय तथा लोकतंत्र के लिए लड़े. गांधी और डॉ. किंग की तरह लेविस ने अहिंसा के अपने कामों के जरिए दुनिया को आकार दिया और उनकी जीवन गाथा पूरे इतिहास में गूंजेगी.


भारत यात्रा पर आए थे लेविस

लेविस ने डॉ. किंग की भारत यात्रा की 50वीं वर्षगांठ पर भारत में एक प्रतिनिधिमंडल का 2009 में नेतृत्व किया था. इस यात्रा से प्रेरित होकर उन्होंने संघर्ष के समाधान की कोशिशों और मौजूदा नीति में बदलावों के लिए गांधी और डॉ. किंग जूनियर के सिद्धांतों को लागू करने के मकसद से इस विधेयक को तैयार किया. लेविस का 17 जुलाई को 80 साल की उम्र में निधन हो गया.



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