'कोरोना के चलते प्रेस की आज़ादी पर ख़तरा'

रिपोर्ट में चीन की ख़ास तौर पर आलोचना की गई है जो प्रेस आज़ादी के मामले में 180 देशों की सूची में 177वें स्थान पर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया पर आए संकट ने दिखा दिया है कि चीन की सूचनाओं को आक्रामक ढंग से नियंत्रित करने की नीति के कितने भयानक नतीजे हो सकते हैं।

- Khidki Desk


पेरिस स्थित रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स ने अपना सालाना प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक जारी करते हुए कहा है कि कोरोना महामारी के चलते प्रेस की आज़ादी और भी अधिक खतरे में पड़ी है। उसने कहा कि इस महामारी के चलते कई देशों की सरकारों ने स्थिति का लाभ उठाते हुए कई ऐसे दमनकारी कदम उठाए हैं जिन्हें सामान्य स्थितियों में लागू करना संभव नहीं था। रिपोर्ट में चीन की ख़ास तौर पर आलोचना की गई है जो प्रेस आज़ादी के मामले में 180 देशों की सूची में 177वें स्थान पर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया पर आए संकट ने दिखा दिया है कि चीन की सूचनाओं को आक्रामक ढंग से नियंत्रित करने की नीति के कितने भयानक नतीजे हो सकते हैं। रिपोर्ट में हाल में हंगरी में गलत सूचनाओं से निपटने के बनाए गए कानून को भी प्रेस की आज़ादी के लिए खतरनाक बताया गया है।