आस्ट्रेलिया में अख़बारों ने जताया विरोध, काली स्याही से ढके शब्द!

आॅस्ट्रेलिया में सरकार पर पत्रकारों के दमन का आरोप लगाते हुए देश के सभी महत्वपूर्ण अख़बारों ने आज अपने पहले पृष्ठ में छपी ख़बरों को काली स्याही से ढक दिया है. व्यंग्य के तौर पर एक मुहर का इंप्रैशन भी सभी अख़बारों ने प्रिंट किया जिसमें लिखा गया है, 'सीक्रेट, नॉट फ़ॉर रिलीज़'.

- Khidki Desk



आॅस्ट्रेलिया में एबीसी और न्यूज़ कॉर्प के दो पत्रकारों के घर और दफ्तर में पुलिस ने छापे मारे थे. देश के सभी महत्वपूर्ण मीडिया समूहों ने साथ आकर सरकार के इस क़दम का विरोध करते हुए पत्रकारों औऱ व्हिसिलब्लोवर को दबाने का आरोप लगाया है.


न्यूज़ कॉर्प, एबीसी, एसबीएस, द गार्जियन की इस मुहिम में सभी अख़बार समूह साथ आ गए हैं. द ऑस्ट्रेलियन, हेराल्ड सन जैसे बड़े अख़बारों ने भी अपने पहले पेज को विरोध जताते हुए ब्लैक किया है. व्यंग्य के तौर पर एक मुहर का इंप्रैशन भी सभी अख़बारों ने प्रिंट किया जिसमें लिखा गया है, 'सीक्रेट, नॉट फ़ॉर रिलीज़'.


अख़बारों ने अपने अभियान को 'ऑस्ट्रेलियाज राइट टु नो' नाम दिया है.


आॅस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय मूल के पत्रकार वि​वेक आसरी ने 'दि आॅस्ट्रेलियन' अख़बार के मुखपृष्ठ को अपनी फ़ेसबुक वॉल पर शेयर करते हुए लिखा है,


''ये द ऑस्ट्रेलियन का आज पहला पन्ना है. और भी कई बड़े अखबारों ने आज ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला पन्ना ऐसा ही छापा है. कई वेबसाइट्स ने अपना होम पेज ब्लैक कर दिया है. विरोध है मीडिया में बढ़ते सरकारी दखल का. कुछ महीने पहले पुलिस ने एक पत्रकार के घर और एक पत्रकार के दफ्तर पर छापे मारे क्योंकि उन्होंने सरकार विरोधी खबरें लिखी थीं. उसके बाद से ही देश में लगातार मीडिया की आजादी पर बहस हो रही है. आज उसी बहस को एक कदम आगे बढ़ाते हुए देश के सारे बड़े संस्थान साथ आए हैं. 'ऑस्ट्रेलियाज राइट टु नो' नाम से एक अभियान चलाया गया है और ये काले पन्ने उस अभियान की एक कड़ी है.''