'दुबारा नहीं होगा कोरोना, ऐसा कोई प्रमाण नहीं'

विश्व स्वास्थ संगठन ने कहा है कि इस बात को कोई प्रमाण नहीं है कि जो लोग इस वायरस के संक्रमण से ठीक हो गए हैं, उन्हें यह दोबारा नहीं होगा।

- Khidki Desk

दुनिया भर में कोरोनावायरस से मरने वाले लोगों की तादात 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई है. ऐसे में वैश्विक ऐजेंसियों के लिए कोरोनावायरस के संक्रमण को थामना मुसीबत बनता जा रहा है. इस बीच विश्व स्वास्थ संगठन ने एक ट्वीट कर उन देशों को ख़बरदार किया है जो कि संक्रमण से ठीक हो गए लोगों को इम्युनिटी पासपोर्ट देने के बारे में विचार कर रहे हैं. संगठन ने कहा है कि इस बात को कोई प्रमाण नहीं है कि जो लोग इस वायरस के संक्रमण से ठीक हो गए हैं, उन्हें यह दोबारा नहीं होगा। संगठन ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि जो लोग यह समझ रहे हैं कि उनके शरीर ने इस वायरस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है, वे असावधान हो जाएंगे और इस तरह से यह संक्रमण और बढ़ेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन लगातार दुनिया भर की सरकारों को कोरोना महामारी की गंभीरता को लेकर चेतावनी दे रहा है। पिछले हफ़्ते चिली सरकार संक्रमण से ठीक हो गए लोगों को हेल्थ पासपोर्ट देने की बात कह चुकी है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि ऐसे कोई प्रमाण नहीं है जिनसे कहा जा सके कि लोगों में इस वायरस का एंटी बॉडी विकसित हो गया है और वह भविष्य में संक्रमण सुरक्षित हैं। लॉकडाउन के नकारात्म प्रभावों से जूझ रहे देशों में धीमे धीमे इसे खोलने को लेकर बहस जारी है जिसके चलते कोरोना से जूझ रहे संगठनों की चिंता गहराई हुई है. इधर कोविड 19 के लिए प्रभावी टीके को जल्द से जल्द बनाए जाने के प्रयासों में तेज़ी लाने के ​मक़सद से दुनिया भर के देश संयुक्तराष्ट्र की पहल में साथ आए हैं और उम्मीद की जा रही है कि इस टीके को कम से कम समय में इजाद कर लिया जाएगा. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने कोरोना वायरस के प्रकोप को केवल टीके से ही रोका जा सकता है.

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