भारत में घटा तेल का आयात

कोरोनावायरस के चलते लगाए गए एतिहासिक लॉकडाउन और प्लांट्स के मेंटिनेंस के चलते खपत और मांग के घट जाने पर भारत की रिफ़ाइनरीज़ ने दुनिया भर से आयात किए जाने वाले तेल में भारी कटौती की है.

- Khidki Desk


दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल के ग्राहक और आयातक भारत में जून में तेल का आयात पिछले नौ सालों में सबसे कम रहा है और इसकी वजह तेल की घटी मांग बनी है. कोरोनावायरस के चलते लगाए गए एतिहासिक लॉकडाउन और प्लांट्स के मेंटिनेंस के चलते मांग के घट जाने पर भारत की रिफ़ाइनरीज़ ने दुनिया भर से आयात किए जाने वाले तेल में भारी कटौती की है. तेल उत्पादक देशों में एक महत्वपूर्ण देश माने जाने वाले वैनेजुएला से जून 2009 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि एक बूंद भी तेल नहीं मंगाया गया है.


भारतीय तेल उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक़ जून में भारत में 32 लाख बैरल प्रतिदिन तेल मंगाया गया. अगर पिछले साल से तुलना करेंतो यह तक़रीबन 28.5 प्रतिशत की कमी है.


इन्हीं हालात के बीच भारत की सबसे बड़ी ऑयल रिफफ़ाइनरी, इंडियन ऑयल कारपोरेशन, के साथ ही दुनिया के सबसे बड़े रिफ़ाइनिंग कॉंप्लैक्स की ऑपरेटर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन ने, घटती मांग के बीच ही अपनी यूनिट्स को मैंटिनेंस के लिए बंद कर​ दिया है.


हालांकि मानसून के दौर में भारत में हर साल ईंधन का उपभोग कम हो जाता है क्योंकि सबसे अधिक ईंधन का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन और ट्रांसपोर्टेशन में होता है और बरसात के कारण यह दोनों उद्योग क़ाफ़ी प्रभावित होेते हैं लेकिन इस बार कोरोनावायरस के लॉकडाउन के चलते उत्पादन क्षेत्र में कमी के चलते इस पर दोहरी मार पड़ी है.


जून महीने में भारत में सबसे अधिक तेल ईराक़ से आयात किया जबकि उससे पहले के दो महीनों में सउदी अरब से सबसे अधिक तेल आयात किया गया था. इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और नाइजीरिया तीसरे और चौथे स्थान पर थे. इस महीने पांचवे सबसे बड़े आयातक में अमेरिका रहा जबकि यह स्थान वैनेजुएला का हुआ करता था.

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