'देशभक्त' ही लड़ेंगे हॉंगकॉंग में चुनाव

हॉंग कॉंग की संसद में मतदाताओं द्वारा सीधे तौर पर चुनी जाने वाली सीटों की संख्या में कटौती कर उसे तक़रीबन आधा कर दिया गया है, और प्रत्याशी सांसदों को पहले, एक चीन समर्थक समिति के निरीक्षण से गुजरना होगा जो कि इस बात की जांच करेगी कि इन प्रत्याशियों में चीन को लेकर निष्ठा है या नहीं.

- Khidki Desk

चीन ने हॉंग कॉंग के चुनावी क़ानूनों में बदलावों को मंजूरी दे दी है जिससे कि आने वाले समय में हॉंग कॉंग पर चीन की पकड़ और मज़बूत हो जाएगी.


हॉंग कॉंग की संसद में मतदाताओं द्वारा सीधे तौर पर चुनी जाने वाली सीटों की संख्या में कटौती कर उसे तक़रीबन आधा कर दिया गया है, और प्रत्याशी सांसदों को पहले, एक चीन समर्थक समिति के निरीक्षण से गुजरना होगा जो कि इस बात की जांच करेगी कि इन प्रत्याशियों में चीन को लेकर निष्ठा है या नहीं.


कहा गया है कि इसका मक़सद यह सुनिश्चित करना है कि महज़ 'देशभक्त' लोग ही हॉंगकॉंग की सत्ता की दौड़ में भागीदारी कर सकें.

चीन के इस क़दम की हॉंग कॉंग में, और कई दूसरे देशों के बीच भी आलोचना हो रही है. आलोचकों का कहना है कि चीन अपने इन क़दमों से हॉंग कॉंग में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश कर रहा है.


हालांकि हॉंग कॉंग की नेता कैरी लैम ने कहा है कि निरी​क्षण समिति लोगों के राजनीतिक नज़रियों के आधार पर लोगों की जांच नहीं करेगी बल्कि वह ग़ैर देशभक्तों की पहचान कर उन्हें चुनाव लड़ने से रोकेगी.