संपादक की बर्ख़ास्तगी के ख़िलाफ़ 70 पत्रकारों के इस्तीफ़े

हंगरी की प्रमुख और स्वतंत्र समाचार वेबसाइट इंडैक्स के 70 पत्रकारों और स्टाफ़ ने सरकार पर यह आरोप लगाते हुए इस्तीफ़ा दे दिया है कि वह उनकी वेबसाइट को बर्बाद या अपने वश में कर लेना चाहती है.

- Khidki Desk

भारत के लिए यह अजूबे जैसी बात है कि किसी संपादक को सरकार के दबाब में मैनेजमैंट बर्ख़ास्त कर दे तो स्टाफ़ के 70 पत्रकार और कर्मचारी साझे तौर इस्तीफ़ा दे दें. यहां मीडिया संस्थानों में ऐसे संपादक ढूंढना अब मुश्किल है जो मैनेजमेंट के आगे इतना डटकर खड़ा हो सके कि उसकी बर्ख़ास्तगी की नौबत आए.


लेकिन इधर हंगरी की प्रमुख और स्वतंत्र समाचार वेबसाइट इंडैक्स के 70 पत्रकारों और स्टाफ़ ने सरकार पर यह आरोप लगाते हुए इस्तीफ़ा दे दिया है कि वह उनकी वेबसाइट को बर्बाद या अपने वश में कर लेना चाहती है. इससे पहले मंगलवार को इस स्वतंत्र वेबसाइट के प्रधान संपादक Szabolcs Dull को बर्ख़ास्त कर दिया गया था. पत्रकारों और स्टाफ़ ने अपना इस्तीफ़ा इसी के विरोध में दिया है.


इंडैक्स के पत्रकारों का कहना है कि यह बर्ख़ास्तगी साफ़ तौर पर पत्रकारिता के काम में दख़लअंदा​ज़ी और वेबसाइट पर डाले जा रहे दबाव को दर्शाती है.


इस बीच बुडापेस्ट की सड़कों में मीडिया की स्वतंत्रता के पक्ष में प्रदर्शन करने कई प्रदर्शनकारी उतर आए.


पिछले एक दशक से रूढ़िवादी प्रधानमंत्री विक्टोर ऑर्बैन के समर्थक राष्ट्रवादियों ने हंगरी के स्वतंत्र मीडिया पर धीरे धीरे क़ब्ज़ा कर लिया है. इंडैक्स को इसी सिलसिले में एक आख़िरी आज़ाद समाचार वैबसाइट के तौर पर जाना जाता है.


इस साल रिपोर्टर्स विदाउट बॉडर्स ने हंगरी को 180 देशों की सूचि में, प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में 89 स्थान पर रखा है.