सीरिया को मानवीय सहायता के ख़िलाफ़ रूस और चीन का वीटो

रूस और चीन के अलावा सुर​क्षा परिषद के 13 अन्य देशों ने जर्मनी और बेल्जियम की ओर से तैयार किए गए इस मसौदे के पक्ष में मतदान किया था.

- Khidki Desk


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों की ओर से, तुर्की से सीरिया की दो बॉर्डर क्रॉसिंग्स में मानवीय सहायता की अवधि को अगले 6 महीने तक के लिए बढ़ाने की आख़िरी कोशिश के तौर पर लाए गए प्रस्ताव के ख़िलाफ़ रूस और चीन ने वी​टो कर दिया है.


रूस और चीन के अलावा सुर​क्षा परिषद के 13 अन्य देशों ने जर्मनी और बेल्जियम की ओर से तैयार किए गए इस मसौदे के पक्ष में मतदान किया था.


संयुक्त राष्ट्र की ओर से अब तक दी जा रही मानवीय सहायता की अवधि शुक्रवार को ख़त्म हो चुकी है.


संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि लाखों सीरियाई नागरिक जो कि ख़ासतौर पर विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले सीरिया के उत्तर—पश्चिमी इलाक़े ताल्लुक रखते हैं पूरी तरह से तुर्की के ज़रिए दी जाने वाली मानवीय सहायता पर ही निर्भर हैं.


सीरिया की मौजूदा सरकार के समर्थक रूस और चीन चाहते हैं कि सीरिया की ब्रॉर्डर क्रॉसिंग सिर्फ एक ही जगह से हो ताकि सीरिया के ज़रिए ही वहां मदद पहुंचाई जा सके.


इससे पहले भी इस प्रस्ताव को लेकर दो बार ख़ारिज हो गया था जिसमें दूसरी बार भी रूस और चीन ने वीटो किया था.


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