'दक्षिण अफ़्रीका में चालीस हज़ार लोगों के मरने की आशंका'


दक्षिण अफ़्रीकी सरकार की अब तक कोरोना वायरस के ख़िलाफ चालू की गयी नीतियों की क़ाफ़ी तारीफ़ हो रही है. 5.78 करोड़ की जनसँख्या वाले इस देश में अभी तक COVID-19 के केवल 17,200 मामले ही दर्ज किये गए हैं. और 312 मौतें हुई है.

-khidki desk



दक्षिण अफ़्रीका के बारे में South African Covid-19 Modelling Consortium से जुड़े वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे हैं कि यहां कोरानावायरस का प्रकोप उभार पा सकता है और इस साल के अंत तक कम से कम 40 हज़ार लोग मारे जा सकते हैं.


यह आशंका देश में लॉकडाउन के एहतियात पर सख़्ती को कम करने के बाद जताई गई है. राष्ट्रपति सिरिल रामाफ़ोसा ने घोषणा की है कि जून महीने से देश में लॉकडाउन के कठिन प्रतिबंधों को कम कर दिया जाएगा. वैज्ञानिकों की यह चेतावनी राष्ट्रपति की इसी घोषणा के बाद आई है.


कंसोर्टियम का अनुमान है, कि देश में आने वाले महीनों में कोरोना के मामलों और मौतों की संख्या में तेजी से वृद्धि ही सकती है. दक्षिण अफ्रीका में मार्च से ही तंबाकू और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इस क़दम को देश में कोरोना के संक्रमण की गति को धीमा करने का श्रेय दिया जा रहा है.


यह बताते चलें कि दक्षिण अफ़्रीकी सरकार की अब तक कोरोना वायरस के ख़िलाफ चालू की गयी नीतियों की क़ाफ़ी तारीफ़ हो रही है. 5.78 करोड़ की जनसँख्या वाले इस देश में अभी तक COVID-19 के केवल 17,200 मामले ही दर्ज किये गए हैं और 312 मौतें हुई है.


लेकिन विपक्षी डेमोक्रेटिक एलायंस यह तर्क देते हुए सरकार को अदालत ले जा रही है कि, कड़े लॉकडाउन के नियम ग़लत हैं और शराब और तंबाकू की बिक्री पर प्रतिबंध हटा दिया जाना चाहिए.


बताते चलें कि दक्षिण अफ़्रीकी सरकार में ख़ुद सभी महत्वपूर्ण लोग कोरोना वायरस से संबंधित लागू लॉकडाउन में अभी एक मत नहीं है, जहाँ एक तरफ राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा, “लॉकडाउन नियमों को 'स्तर 4' से 'स्तर 3' तक कम किया जाएगा ताकि स्कूलों को फिर से शुरू करने और अधिक लोगों को जून की शुरूआत में काम पर लौटने की अनुमति दी जा सकेत.”


वहीँ दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्री ज़्वेली मखिज़े, ने इस पर एतराज़ जताते हुए कहा है कि “विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दक्षिण अफ़्रीका अभी लॉकडाउन के स्तर 3 के लिए तैयार नहीं है क्योंकि संक्रमण हर दिन बढ़ता जा रहा है.''