सिंगापुर में सत्तारूढ़ दल PAP की वापसी, वोट शेयर गिरा

1965 में आजादी हासिल करने के बाद से लगातार सिंगापुर में पीएपी का शासन है। चुनाव के पहले ही उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग के नेतृत्व में पीएपी ही जीतेगी।

khidki desk



सिंगापुर में सत्तासीन पीपुल्स एक्शन पार्टी ने कोविड-19 की महामारी के बीच शुक्रवार को हुए चुनावों में जीत हासिल की है। लेकिन विपक्षी दल ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसे पीएपी का वोट शेयर कम हो गया है। 1965 में आजादी हासिल करने के बाद से लगातार सिंगापुर में पीएपी का शासन है।


चुनाव के पहले ही उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग के नेतृत्व में पीएपी ही जीतेगी। बता दें कि लूंग अब रिटायर होने वाले हैं और संभवत: यह उनका आखिरी कार्यकाल होगा। संसद की 93 में से 83 सीटों पर पीएपी को जीत मिली है।


वहीं भारतीय मूल के नेता प्रीतम सिंह के नेतृत्व वाली विपक्षी वर्कर्स पार्टी ने सेंगकांग की जीआरसी समेत 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। देश में पहली बार विपक्षी दल को इतनी सीटें मिली हैं। पीएपी का वोट शेयर 2915 के 70 प्रतिशत से गिरकर 61 प्रतिशत हो गया। दो पूर्व मंत्रियों समेत पीएपी के कई बड़े नेता चुनाव हार गए हैं।

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