धधक रहा है अमेजन का वर्षा वन, दुनिया के लिए ख़तरनाक संकेत

Inpe ने अपनी सेटेलाइट्स के ज़रिए दर्ज किए गए आंकड़ों के आधार पर कहा है कि पिछले साल 2018 में इसी अवधि की तुलना में वनाग्नि की घटनाओं में 84 फ़ीसद का इजाफ़ा हुआ है जो कि अकेले ब्राज़ील के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य के लिए ख़ौफ़नाक है.

-खिड़की डेस्क



ब्राज़ील के नेश्नल इंस्टिट्यूट आॅफ स्पेश रिसर्च (Inpe) ने अपने अध्ययन के आधार पर कहा है कि अमेजन के वर्षावनों ने इस साल भारी आगज़नी देखी है. Inpe ने अपनी सेटेलाइट्स के ज़रिए दर्ज किए गए आंकड़ों के आधार पर कहा है कि पिछले साल 2018 में इसी अवधि की तुलना में वनाग्नि की घटनाओं में 84 फ़ीसद का इजाफ़ा हुआ है जो कि अकेले ब्राज़ील के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के भविष्य के लिए ख़ौफ़नाक है.


अमेजन दुनिया का सबसे बड़ा वर्षा वन है जो कि दुनिया पर छाए ग्लोबल वार्मिंग के ख़तरे को कुछ हद तक संयमित करता रहा है. लेकिन अमेजन से आ रही इस तरह की ख़बरों के पूरी दुनिया के लिए बेहद ख़तरनाक संकेत हैं.


अमेजन में तीस लाख से अधिक क़िस्म के पेड़ पौंधों और वन्य जीवों की प्रजातियां हैं. Inpe ने कहा ​है कि उसने जनवरी से लेकर अगस्त महीने के बीच 74,000 वनाग्नि की घटनाओं को दर्ज किया है, जिसमें से पिछले एक हफ्ते में 9,500 घटनाएं दर्ज हुई हैं.


ब्राज़ील के पर्यावरणविदों का कहना है कि यह हालात ब्राज़ील के प्रधानमंत्री Jair Messias Bolsonaro की पर्यावरण विरोधी नीतियों के कारण हुआ पैदा हुए हैं. उन्होंने आरोप वनों में लकड़ी माफिया को जंगलों को काटने के लिए प्रोत्साहित किया जिसके चलते इन वनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है.


हालांकि प्रधानमंत्री ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए एक फ़ेसबुक लाइव के दौरान एनजीओज़ पर उनकी छवि ख़राब करने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एनजीओज़ पर अमेजन में आग लगाने के आरोप तक लगा डाले. उन्होंने कहा, ''हालांकि मैं पुख़्ता तौर पर नहीं कह रहा, पर हो सकता है कि मेरी निजी छवि और ब्राज़ील सरकार की छवि बिगाड़ने के लिए 'एनजीओर्स' ने आपराधिक कार्यवाही करते हुए यह सब किया हो.''


उधर वर्ल्ड वाइल्ड फंड फॉर नेचर (WWF) के अमेजन प्रोग्राम हेड रिचर्ड मेलो ने कहा है कि वनाग्नि में यह इजाफ़ा हालिया समय में हुई वनों की कटाई के चलते हुआ है.