कश्मीर पहुंचा तीसरा इंटरनेश्नल डैलीगेशन

2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद यह तीसरा अंतर्राष्ट्रीय डेलीगेशन है जो कश्मीर के हालात का जायज़ा लेने के लिए दौरा कर रहा है. हालांकि इस डेलिगेशन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने बीजेपी पर 'इवेंट मैनेजमेंट' का आरोप लगाया है.

-Khidki Desk


अफ़्रीका, यूरोप और लैटिन अमेरिकी राजदूतों का एक डैलिगेशन अपने दो दिन के कश्मीर दौर पर है. इस डैलिगेशन ने बुधवार को श्रीनगर पहुंचने के बाद कश्मीर के बडगांव के मागम क़स्बे में मौजूद एक कॉलेज में कुछ चुनिंदा लोगों से मुलाक़ात की, जिनमें हाल ही में चुने गए स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि भी शामिल थे.


न्यूज़ वेबसाइट अलजज़ीरा के मुताबिक़ इस डैलिगेशन के दौरे के दौरान मागम में बंद के से हालात थे. राजदूतों ने श्रीनगर में झील के किनारे मौजूद ऐतिहासिक मस्ज़िद का दौरा भी किया.


2019 में अनुच्छेद 370 को हटा कर जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीन उसे 3 केंद्र शासित प्रदेशों में बदलने के बाद पैदा हुए हालात में कश्मीर में कई महीनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था और इंटरनेट और कम्युनिकेशन सेवाओं को भी रोक दिया गया था.


इसके बाद से यह विदेशी राजदूतों का कश्मीर का तीसरा दौरा है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ​मुफ़्ती ने इस दौरे को बीजेपी सरकार का इवेंट मैनेजमेंट बताया है. उन्होंने अल जज़ीरा से बात करते हुए कहा, ''इसके कोई मायने नहीं हैं. यह एक गाइडेड टूर है जिसमें सरकार ने कुछ चुनिंदा लोगों से इस डेलिगेशन की मुलाक़ात कराई है. ऐसा नहीं है कि जो भी उनसे बात करना चाहे वह इस डैलीगेशन से बात कर पाए.''


मुफ़्ती ने कहा है कि इस दौरे का मक़सद कश्मीर में हालात को सामान्य दिखाने की कोशिश करना है. जबकि हमें मानवाधिकारों का उल्लंघन झेल रहे लोगों और उनके परिवारों से मिलने तक की भी इजाज़त नहीं है. मु​फ़्ती ने आरोप लगाया है कि यह दौरा कृतिम है और एक मुखौटा है.