'ट्रम्प ने ग़लत तरीक़े से दिया 2.5 अरब डॉलर्स फंड'

कोर्ट का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कॉग्रेस की इजाज़त के बिना मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए सैन्य निर्माण परियोजनाओं के मद में से 2.5 अरब डॉलर्स जारी कर क़ानून का उल्लंघन किया है.

- Khidki Desk


अमरीका की एक संघीय अपील कोर्ट ने शुक्रवार को दिए अपने एक फ़ैसले में कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने ग़लत तरीक़े से सैन्य निर्माण परियोजनाओं के मद में से 250 करोड़ डॉलर्स मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए जारी किए थे.


इस दीवार के निर्माण का मक़सद मेक्सिको से अमेरिका में आने वाले प्रवासियों को रोकना है.


कोर्ट का मानना है कि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कॉग्रेस की इजाज़त के बिना ऐसा करके क़ानून का उल्लंघन किया है. क्योंकि फंड का इस्तेमाल कब, कहां और कैसे करना है, यह कॉंग्रेस के अधिकार क्षेत्र में है.


मेक्सिको की सीमा से लगते 20 राज्यों और पर्यावरण समूहों ने मिलकर इस संघीय सर्किट अपीलीय कोर्ट में ट्रंप प्रशासन के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर किया था.


अदालत ने अपील करने वालों के उस तर्क को अपने फ़ैसले में सही ठहराया, जिसमें कहा गया था कि इस रक़म का आवंटन ग़ैरकानूनी है और यह पर्यावरण के लिए ख़तरा पैदा करने वाला है.


अदालत में अपीलकर्ताओं की पैरवी कर रहे कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल जेवियर बैकेरा ने कोर्ट के इस फैसले को सही बताते हुए संतुष्टि जताई. उन्होंने कहा कि अदालत ने एक बार फिर राष्ट्रपति को याद दिला दिया कि क़ानून से ऊपर कोई भी नहीं.


मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाने और इसके लिए फंड जारी करने का मामला पहले भी कई बार अदालतों में गया था, लेकिन अब तक फ़ैसले राष्ट्रपति ट्रंप के हक़ में जाते थे. यह पहली बार हुआ, जब उनको अपने इस अभियान में झटका लगा है.

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