अचानक अफ़ग़ानिस्तान पहुंचे अमेरिकी रक्षा मंत्री

ऑस्टिन यह यात्रा इन सवालों के बीच हो रही है कि अमेरिकी सैनिक कब तक अफ़गानिस्तान में बने रहेंगे.

- Khidki Desk

PC: Twitter Handle @SecDef

अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन अपनी पहली अफ़गानिस्तान यात्रा पर रविवार को काबुल पहुंचे. इस यात्रा की कोई पूर्वघोषणा नहीं की गई थी.


ऑस्टिन यह यात्रा इन सवालों के बीच हो रही है कि अमेरिकी सैनिक कब तक अफ़गानिस्तान में बने रहेंगे.


सरकारी मीडिया 'रेडियो एंड टेलीविजन अफ़गानिस्तान, और 'टोलो टीवी ने ऑस्टिन के क़ाबुल पहुंचने की खबर दी.


उन्होंने राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत वरिष्ठ अफगान अधिकारियों से मुलाकात की. 'वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार ऑस्टिन ने कहा कि वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी 'इस संघर्ष का जिम्मेदार विराम और कुछ अलग बदलाव होते हुए देखना चाहते हैं.


ऑस्टिन ने कहा, 'चीजों को लेकर हमेशा ही किसी न किसी रूप में चिंता रही है लेकिन मैं समझता हूं कि युद्ध पर ज़िम्मेदार विराम और वार्ता के माध्यम से उसके समापन के लिए जो कुछ ज़रूरी था, उस दिशा में काफी ऊर्जा लगायी जा रही है.'


वाशिंगटन पोस्ट ऑस्टिन के साथ आये मीडिया के छोटे से समूह में शामिल है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले हफ़्ते 'एबीसी न्यूज को दिए साक्षात्कार में कहा था कि अफ़गानिस्तान से सैनिकों की वापसी की एक मई की समयसीमा को पूरा करना अमेरिका के लिए कठिन होगा लेकिन उन्होंने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन और तालिबान के बीच सहमति से बनी यह समय सीमा अगर बढ़ायी जाती है तो यह 'अधिक लंबी नहीं होगी.


उधर, तालिबान ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका समयसीमा पर खरा नहीं उतरता है तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. राष्ट्रपति महल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने अफ़गानिस्तान में हिंसा की निंदा की. हांलांकि बयान में एक मई की समयसीमा का जिक्र नहीं है. अमेरिका ट्रंप प्रशासन के दौरान पिछले साल तालिबान के साथ हुए करार की समीक्षा कर रहा है.


ग़नी को इसी माह के शुरू में लिखे पत्र में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा था कि अफ़गानिस्तान में शांति कायम करना बहुत जरूरी है और सभी विकल्प खुले हैं. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर यदि अमेरिका और नाटो सैन्यबल हट जाते हैं तो तालिबान तुरंत क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल कर लेगा.