चीनी अधिकारियों के वीज़ा पर प्रतिबंध

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पेओ ने कहा है कि इस क़दम के ज़रिए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपना वह वादा निभाया है जिसमें उन्होंने चीन को नए सुरक्षा क़ानून लाने पर सज़ा देने की बात कही थी.

- Khidki Desk



अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पेओ ने कहा है कि अमेरिका चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिकारियों पर विज़ा प्रतिबंध लगा रहा है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका यह क़दम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मौजूदा और पूर्व नेताओं के ख़िलाफ़ यह मानते हुए ले रहा है कि ये ही हॉंगकॉंग में के लिए लाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानूनों के लिए ज़िम्मेदार हैं. अमेरिका का मानना है कि नया राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून हॉंगकॉंग की स्वायत्तता और आज़ादी को सीमित करता है.


विदेश मंत्री पॉम्पेओ ने कहा है कि इस क़दम के ज़रिए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अपना वह वादा निभाया है जिसमें उन्होंने चीन को नए सुरक्षा क़ानून लाने पर सज़ा देने की बात कही थी.


इधर अमेरिका में चाइनीज़ एम्बेसी ने एक बयान जारी कर अमेरिका के इस क़दम ग़लत बताया है. एम्बेसी ने ट्वीट करते हुए लिखा, हॉंगकॉंग चीन का आंतरिक मामला है और किसी भी बाहरी ताक़त को इसमें दख़ल अंदाज़ी नहीं करनी चाहिए.


''हम अमेरिकी पक्ष से अपील करते हैं कि वह अपनी ग़लती को तुरंत सुधारे और चीन के आंतरिक मामलों में दख़लंदाज़ी बंद करे.''

अमेरिका ने यह क़दम रविवार को होने वाली चीनी नैश्नल पीपल्स कॉंग्रेस की स्टेंडिग कमेटी की एक बैठक से ठीक पहले उठाया है जिसमें इस नए क़ानून पर चर्चा होनी है.


चीन का हॉंगकॉंग के लिए लाया गया नया सुरक्षा क़ानून चीन के हॉंगकॉंग पर अधिकार को और स्पष्ट करने के लिए है.

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