ताज़ा नक्सल हमला क्या इंटेलिजेंस की चूक?

''हमें वहां कुछ ​भी नहीं मिला जब हम उस जगह पर पहुंचे जहां हमें पहुंचने को कहा गया था. जब हमने वापस लौटना शुरु किया तो उन्होंने हम पर घात लगा कर हमला किया. वे अचानक से कई लोग आ गए.. यह सब पहले से तय रहा होगा.'' - घायल जवान

- Khidki Desk


भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के बीजापुर में शनिवार को सीआरपीएफ़ की एक टुकड़ी पर घात लगाकर किए गए माओवादी हमले में 22 जवानों की मौत हो गई है और 31 जवान घायल हुए हैं. एक जवान के लापता होने की भी ख़बर है.


शुक्रवार को सुकमा और बीजापुर के अलग अलग इलाक़ों में, सीआरपीएफ़ की कोबरा यूनिट, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स के 2059 जवान एक ख़ास नक्सल ऑपरेशन के लिए गए हुए थे.


अंग्रेज़ी अख़बार दि इंडियन एक्सप्रेस ने एक घायल जवान के हवाले से लिखा है कि जब जवानों की टुकड़ियां आपरेशन के लिए निर्धारित जगह पर पहुंची तो उन्हें वहां कुछ भी नहीं मिला. ''हमें वहां कुछ ​भी नहीं मिला जब हम उस जगह पर पहुंचे जहां हमें पहुंचने को कहा गया था. जब हमने वापस लौटना शुरु किया तो उन्होंने हम पर घात लगा कर हमला किया. वे अचानक से कई लोग आ गए.. यह सब पहले से तय रहा होगा.''


हालांकि केंद्रीय रिज़र्व पुलिस फोर्स के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा है कि "ऑपरेशन में किसी तरह की इंटेलीजेंस चूक नहीं हुई है."


कहा जा रहा है कि इस हमले में माओवादियों के भी कई लड़ाके मारे गए हैं. हालांकि अब तक यह पुष्ट नहीं हुआ है कि माओवादी लड़ाकों में कितनों की मौत हुई है.


घटना के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा, "छत्तीसगढ़ में माओवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. वीर शहीदों की कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा. घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ."



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