क्या करें कि ना मारे जाएं काले लोग?

अटलांटा के एक बैप्टिस्ट चर्च में मंगलवार को पुलिस गोली से मारे गए रेशार्ड ब्रुक्स की अंत्येष्ठी में कई महत्वपूर्ण लोग जुटे. इसे काले लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई के एक महत्पूर्ण आयोजन की तरह लिया गया था.

- Khidki Desk


पुलिस हिरासत में हुई ज्यॉर्ज फ़्लाइड की हत्या के बाद पूरी दु​निया भर में काले नागरिकों के अधिकारों को लेकर उबाल पाए आंदोलन के बावजूद अमेरिका के अटलांटा में ​फिर वही कहानी दोहराई गई थी. एक काले नागरिक रेशार्ड ब्रुक्स को एक गोरे पुलिस कर्मी गैरेट रॉल्फ़ ने उस वक़्त गोली मार दी जब वे पुलिस से बचने के लिए भाग रहे थे.


अटलांटा के एक बैप्टिस्ट चर्च में मंगलवार को ब्रुक्स की अंत्येष्ठी में कई महत्वपूर्ण लोग जुटे. इसे काले लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई के एक महत्पूर्ण आयोजन की तरह लिया गया था. इस मौक़े एबेनेज़र बैप्टिस्ट चर्च के वरिष्ठ पादरी और काले लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले नेता रेवेरेंड राफ़ाएल वॉर्नॉक ने कहा-


''काले माता पिता वास्तव में यह नहीं समझ पा रहे कि वे अपने बच्चों को ऐसा क्या बताएं जिसे कि वे ना मारे जाएं, वे ज़िंदा रह सकें. यह बड़ी समस्या है और यह अकेले काले लोगों की समस्या नहीं है यह पूरे अमेरिका की समस्या है.''

दुनिया भर में नागरिक अधिकारों के एक प्रतीक, डॉ. मार्टिन लूथर किंग की बेटी रेव बर्नीस ए किंग ने भी इस स्मृति सभा को संबोधित किया उन्होंने कहा -


''मैं एक पिता के बग़ैर बड़े होने के दु:ख को जानती हूं. और इस दुख से भरे हादसे को भी जिसने लोगों का ध्यान खींचा है. मैं सभी लोगों के लिए प्रार्थना करती हूं और करती रहूंगी. रेशार्ड ब्रुक्स की ज़िंदगी मायने रखती थी और उन्हें ज़िंदा रहना चाहिए था अपने परिवार के साथ के खुशियों भरे ​जीवन के लिए, अपने बच्चों को बड़ा होते देखने के लिए. और उस रात उन पुलिस वालों को भी अपने घर बिना खून में सने हाथों के वापस लौटना चाहिए था. यह हमारे देश की बेहद दुख से भरी घटना है और यह यहीं थम जानी चाहिए.''

12 जून की रात अटलांटा के एक रेस्त्रां से पुलिस को कॉल की गई थी कि कोई सड़क किनारे कार में सो रहा है. जब पुलिस वहां पहुंची तो वहां 27 साल के रेशार्ड ब्रुक्स थे जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेने की कोशिश की लेकिन ब्रुक्स ने पुलिस से भागने की. इसी दौरान पुलिसकर्मी गैरेट रॉल्फ़ ने उन पर गोली दाग दी. इसके बाद ब्रुक्स की मौत हो गई थी. पूरे देश में ज्यॉर्ज फ़्लाइड की हत्या के ख़िलाफ़ उभरे जबरदस्त आंदोलन के बाद भी इस तरह के वाकिए ने सभी को चौंका दिया था. प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन की मुहीम में इस घटना को भी शामिल करते हुए कई प्रदर्शन किए और काले लोगों के लिए न्याय और अमेरिका में पुलिस सुधार की मांग उठाई है.


इधर पुलिसकर्मी गैरेट रॉल्फ के ख़िलाफ़ 11 आरोपों में हत्या और हमले का मुक़दमा चलाया जा रहा है.

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