ईरान परमाणु क़रार में अमेरिका की वापसी की कवायद

यूरोपीय संघ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ''प्रतिभागी संयुक्त राज्य अमेरिका की Joint Comprehensive Plan of Action में वापसी की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. और साथ ही इस बात पर भी कि कैसे सभी पक्षों की ओर से समझौते को पूरा और प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए.''

- Khidki Desk

यूरोपीय संघ ने घोषणा की है कि ईरान परमाणु क़रार से अमेरिका के हाथ वापस ​खींच लेने के बाद शेष रह गए पक्ष शुक्रवार को इस क़रार में अमेरिका की वापसी की संभावनाओं को लेकर एक वर्चुअल मीटिंग करने जा रहे हैं. इस पहल का अमेरिका ने स्वागत किया है और इसे एक ''सकारात्मक क़दम'' बताया है.


यूरोपीय संघ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ''प्रतिभागी संयुक्त राज्य अमेरिका की Joint Comprehensive Plan of Action में वापसी की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. और साथ ही इस बात पर भी कि कैसे सभी पक्षों की ओर से समझौते को पूरा और प्रभावी ढंग से लागू कराया जाए.''


अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद से नए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ईरान परमाणु क़रार में वापसी के संकेत दिए हैं, जिससे 2018 में पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने अमेरिका को वापस खींच लिया था. इसके साथ ही ट्रम्प ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को भी फिर से लागू कर दिया था.

2015 में वैश्विक ताक़तों, चीन, रूस, फ्रांस, जर्मनी, युनाइटेड किंग्डम और अमेरिका के साथ हुए ईरान के परमाणु क़रार के तहत, ईरान पर, अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की शर्त पर अंरतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाया गया था.


बाइडेन ने लगातार ईरान परमाणु क़रार में अमेरिका की वापसी को लेकर रुचि दिखाई है लेकिन उनका कहना है कि ईरान को परमाणुक़रार की शर्तों को पूरी तरह से मानना होगा.


इधर, बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि बाइडेन प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा है कि उसने अपने शब्दों को अब तक कार्यरूप नहीं दिया है और उनके देश ने अब तक अमेरिका की ओर ​से किसी भी गंभीर प्रयास को होते नहीं देखा है.


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